मानसून में बढ़ जाता है मलेरिया का खतरा! जानिए इसके 5 प्रकार, प्रमुख लक्षण और बचाव के असरदार उपाय

a-316

नई दिल्ली: बारिश का मौसम अपने साथ कई संक्रामक बीमारियों का खतरा भी लेकर आता है। इनमें मलेरिया सबसे गंभीर बीमारियों में से एक है, जो संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। समय पर पहचान और इलाज न मिलने पर यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मलेरिया केवल एक प्रकार का नहीं, बल्कि प्लास्मोडियम परजीवी की पांच अलग-अलग प्रजातियों के कारण होने वाला संक्रमण है।

क्या है मलेरिया और कैसे फैलता है?

मलेरिया एक परजीवी जनित संक्रामक रोग है, जो संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलता है। मच्छर के माध्यम से प्लास्मोडियम परजीवी शरीर में प्रवेश करता है और पहले लिवर, फिर लाल रक्त कोशिकाओं को संक्रमित करता है। इसके बाद मरीज को बार-बार ठंड लगने, तेज बुखार और पसीना आने जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। गंभीर मामलों में यह संक्रमण जानलेवा भी साबित हो सकता है।

मलेरिया के प्रमुख लक्षण

मलेरिया से संक्रमित व्यक्ति में आमतौर पर ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं—

  • तेज ठंड लगना और कंपकंपी
  • तेज बुखार
  • अत्यधिक पसीना आना
  • सिरदर्द
  • उल्टी
  • दस्त
  • शरीर और जोड़ों में दर्द
  • भूख कम लगना

मलेरिया के 5 प्रकार

प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम (P. falciparum)

इसे मलेरिया का सबसे गंभीर प्रकार माना जाता है। इस संक्रमण में मरीज को तेज बुखार, सिरदर्द, अत्यधिक ठंड लगना, उल्टियां और बेहोशी जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।

प्लास्मोडियम विवैक्स (P. vivax)

यह सबसे अधिक पाया जाने वाला मलेरिया है। इसमें आमतौर पर हर 48 घंटे बाद बुखार आता है। मरीज को कमर दर्द, सिरदर्द, हाथ-पैरों में दर्द, भूख न लगना और तेज बुखार की शिकायत हो सकती है।

प्लास्मोडियम ओवेल (P. ovale)

यह भी टर्शियन मलेरिया का कारण बनता है। इसके लक्षण विवैक्स मलेरिया से काफी मिलते-जुलते होते हैं और मरीज को बार-बार बुखार आ सकता है।

प्लास्मोडियम मलेरिए (P. malariae)

इस संक्रमण में मरीज को आमतौर पर हर चौथे दिन बुखार आता है। कुछ मामलों में पेशाब के जरिए प्रोटीन निकलने लगता है, जिससे शरीर में सूजन और कमजोरी की समस्या हो सकती है।

प्लास्मोडियम नोलेसी (P. knowlesi)

यह परजीवी मुख्य रूप से दक्षिण-पूर्व एशिया में पाया जाता है। इसके संक्रमण में मरीज को तेज बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द और भूख कम लगने जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

मलेरिया से बचाव के उपाय

बारिश के मौसम में मलेरिया से बचने के लिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें। नालियों और जलभराव वाले स्थानों की नियमित सफाई कराएं। समय-समय पर कीटनाशकों का छिड़काव करवाएं और मच्छरों को पनपने से रोकें। शाम के समय पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें तथा मच्छरदानी, मच्छररोधी क्रीम या अन्य सुरक्षा उपायों का इस्तेमाल करें। यदि तेज बुखार, ठंड लगना या मलेरिया जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर जांच और उपचार कराएं।

 

----------------------------------------------------------------------------------------------

एक नज़र