वैभव सूर्यवंशी को डेब्यू के लिए करना होगा इंतजार! टीम इंडिया ने संजू-अभिषेक पर जताया भरोसा, मॉर्ने मॉर्कल ने बताई बड़ी वजह
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया के मौजूदा रुख से साफ संकेत मिले हैं कि टीम प्रबंधन फिलहाल अनुभव और टीम संतुलन को प्राथमिकता दे रहा है। यही वजह है कि संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा पर भरोसा बरकरार रखा गया है।
‘दो-तीन पारियों से नहीं होता किसी खिलाड़ी का आकलन’
दूसरे टी20 मुकाबले से पहले भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच मॉर्ने मॉर्कल ने कहा कि टीम का उद्देश्य केवल नई प्रतिभाओं को मौका देना नहीं है, बल्कि उन खिलाड़ियों का भी साथ देना है जिन्होंने लंबे समय तक टीम के लिए अहम योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी का मूल्यांकन सिर्फ दो या तीन खराब पारियों के आधार पर नहीं किया जा सकता।
संजू और अभिषेक पर कायम है टीम मैनेजमेंट का भरोसा
मौजूदा टी20 सीरीज में सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा के प्रदर्शन पर लगातार चर्चा हो रही है। जहां अभिषेक शर्मा ने हाल के मुकाबलों में उपयोगी पारियां खेलकर अपनी लय के संकेत दिए हैं, वहीं संजू सैमसन अब तक बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं रहे हैं। इसके बावजूद टीम प्रबंधन का मानना है कि बड़े मंच पर प्रदर्शन कर चुके खिलाड़ियों को वापसी का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।
‘खिलाड़ियों का साथ देना ही मजबूत टीम की पहचान’
मॉर्कल ने कहा कि भारतीय टीम की संस्कृति खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए रखने की रही है। उनके अनुसार, जो खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टीम को सफलता दिला चुके हैं, उन्हें कठिन दौर में भी समर्थन मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि टीम के भीतर प्रतिस्पर्धा जरूरी है, लेकिन इसका असर खिलाड़ियों के आत्मविश्वास पर नहीं पड़ना चाहिए।
वैभव सूर्यवंशी की जमकर की तारीफ
युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर मॉर्कल ने कहा कि कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय ड्रेसिंग रूम का हिस्सा बनना आसान नहीं होता, लेकिन वैभव ने अपने आत्मविश्वास, अनुशासन और परिपक्व सोच से सभी को प्रभावित किया है। उन्होंने बताया कि नेट्स में उनकी बल्लेबाजी और सीखने की ललक ने कोचिंग स्टाफ का ध्यान खींचा है।
टीम संतुलन से समझौता नहीं करेगी भारतीय टीम
मॉर्कल ने स्पष्ट किया कि सिर्फ वैभव को मौका देने के लिए बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करना सही नहीं होगा। उन्होंने कहा कि किसी खिलाड़ी को उसकी स्वाभाविक भूमिका से हटाने से टीम संतुलन प्रभावित हो सकता है। ऐसे फैसले परिस्थितियों, टीम की जरूरत और खिलाड़ियों की तैयारी को ध्यान में रखकर ही लिए जाएंगे।
‘सही समय पर मिलेगा मौका’
कोच ने भरोसा जताया कि जब भी वैभव सूर्यवंशी को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिलेगा, वह मानसिक और तकनीकी रूप से पूरी तरह तैयार होंगे। उन्होंने कहा कि युवा बल्लेबाज ने टीम के माहौल में खुद को अच्छी तरह ढाल लिया है और साथी खिलाड़ियों के साथ भी बेहतर तालमेल बना लिया है।
प्रिंस यादव और हर्षित राणा की भी हुई तारीफ
मॉर्कल ने युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव की भी सराहना करते हुए कहा कि उनकी प्रतिभा पर लंबे समय से नजर थी और अब वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दबाव में बेहतर फैसले लेने की क्षमता दिखा रहे हैं। वहीं चोट से वापसी करने वाले हर्षित राणा की रफ्तार और आक्रामक गेंदबाजी को भारतीय तेज आक्रमण के लिए सकारात्मक संकेत बताया।
अनुभव और प्रदर्शन दोनों को मिल रही अहमियत
टीम इंडिया के मौजूदा रुख से साफ है कि चयन प्रक्रिया में केवल हालिया प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि अनुभव, निरंतरता और टीम संयोजन को भी बराबर महत्व दिया जा रहा है। ऐसे में वैभव सूर्यवंशी का डेब्यू भले कुछ समय के लिए टल जाए, लेकिन टीम प्रबंधन को भरोसा है कि सही अवसर मिलने पर वह भारतीय क्रिकेट में अपनी मजबूत पहचान बनाने में सफल रहेंगे।





