देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को आज पीएम मोदी दिखाएंगे हरी झंडी, 5 रुपये से शुरू होगा किराया, जानिए क्यों है यह दुनिया की सबसे खास ट्रेन

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जींद: भारतीय रेलवे स्वच्छ और आधुनिक परिवहन की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को हरियाणा के जींद-सोनीपत रेलखंड पर देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इस ट्रेन के साथ भारतीय रेलवे में हाइड्रोजन तकनीक के परिचालन की औपचारिक शुरुआत होगी, जिसे टिकाऊ और आत्मनिर्भर रेल परिवहन की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

रेल मंत्रालय के अनुसार, हाइड्रोजन से संचालित यह ट्रेन और इसके लिए विकसित रीफ्यूलिंग बुनियादी ढांचा देश में हरित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। पारंपरिक इलेक्ट्रिक ट्रेनों की तरह यह ट्रेन ऊपर लगे बिजली के तारों पर निर्भर नहीं रहेगी, बल्कि हाइड्रोजन फ्यूल सेल के जरिए स्वयं बिजली उत्पन्न कर अपनी ऊर्जा के साथ सफर करेगी।

5 रुपये से शुरू होगा किराया

इस ट्रेन का न्यूनतम किराया सिर्फ 5 रुपये रखा गया है। वहीं, जींद से सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर की यात्रा के लिए यात्रियों को 25 रुपये किराया देना होगा। इससे आम यात्रियों को कम लागत में आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल यात्रा का विकल्प मिलेगा।

82 करोड़ की लागत में तैयार, दुनिया में सबसे कम खर्च वाली परियोजना

हाइड्रोजन ट्रेन का निर्माण करीब 82 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। रेलवे का दावा है कि यह दुनिया की सबसे कम लागत में विकसित हाइड्रोजन ट्रेन परियोजनाओं में शामिल है।

दुनिया की सबसे लंबी ब्रॉड गेज हाइड्रोजन ट्रेन

यह ट्रेन 10 कोचों वाली होगी और ब्रॉड गेज पर चलने वाली दुनिया की सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन मानी जा रही है। इसमें कुल दो पावर कार और आठ यात्री कोच लगाए गए हैं, जिससे अधिक यात्रियों को यात्रा की सुविधा मिलेगी।

2400 किलोवाट की कुल शक्ति, अत्याधुनिक सुरक्षा व्यवस्था

ट्रेन में कुल 2400 किलोवाट क्षमता का शक्तिशाली इंजन लगाया गया है। इसमें दो ड्राइविंग पावर कार हैं और प्रत्येक की क्षमता 1200 किलोवाट है। सुरक्षा के लिहाज से इसमें हाइड्रोजन लीक डिटेक्टर, फ्लेम डिटेक्शन सिस्टम और गैस की लगातार निगरानी जैसी उन्नत तकनीकें दी गई हैं। किसी भी आपात स्थिति में हाइड्रोजन की आपूर्ति स्वतः बंद हो जाएगी।

120 किमी प्रति घंटे की क्षमता, फिलहाल 75 किमी प्रति घंटे की रफ्तार

यह ट्रेन अधिकतम 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने में सक्षम है। हालांकि शुरुआती चरण में इसे 75 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से संचालित किया जाएगा। जींद से सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर का सफर यह ट्रेन लगभग दो घंटे में पूरा करेगी।

पीएम मोदी ने साझा की थीं ट्रेन की तस्वीरें

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर इस ट्रेन की तस्वीरें साझा करते हुए बताया था कि भारत की पहली हाइड्रोजन संचालित ट्रेन हरियाणा से परिचालन के लिए पूरी तरह तैयार है। तस्वीरों में ट्रेन का आधुनिक डिजाइन और नई तकनीक देखने को मिली। प्रधानमंत्री ने इसे भारतीय रेलवे की तकनीकी प्रगति और आत्मनिर्भर भारत अभियान की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

रेलवे को मिलेगी वैश्विक पहचान

हाइड्रोजन ट्रेन के संचालन के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा जहां इस तकनीक पर आधारित ट्रेनें चल रही हैं। रेलवे ने इस तकनीक का परीक्षण विशेष रूप से उन रेल मार्गों के लिए किया है, जहां विद्युतीकरण के लिए बिजली के तार बिछाना कठिन और अधिक खर्चीला साबित होता है।

 

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