मलेरिया से परेशान हैं? ये घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय दे सकते हैं राहत, लेकिन इलाज में लापरवाही न करें

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नई दिल्ली: बारिश के मौसम में मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के साथ ही मलेरिया का खतरा भी तेजी से बढ़ जाता है। संक्रमित मादा एनोफिलीज मच्छर के काटने से फैलने वाला मलेरिया एक गंभीर बीमारी है, जिसका समय पर इलाज बेहद जरूरी होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मलेरिया होने पर डॉक्टर की सलाह के अनुसार एंटी-मलेरियल दवाएं लेना प्राथमिक उपचार है। वहीं, कुछ आयुर्वेदिक और घरेलू उपाय शरीर की रिकवरी, रोग प्रतिरोधक क्षमता और लक्षणों में राहत देने में सहायक हो सकते हैं। इन्हें उपचार का विकल्प नहीं, बल्कि पूरक उपाय के रूप में अपनाना चाहिए।

मलेरिया में विटामिन-सी युक्त फलों का करें सेवन

बीमारी के दौरान शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखना जरूरी होता है। इसके लिए संतरा, नींबू, मौसंबी, अंगूर और अन्य विटामिन-सी से भरपूर फलों का सेवन लाभदायक माना जाता है। पर्याप्त तरल पदार्थ लेने से शरीर में पानी की कमी भी नहीं होती।

अदरक का सेवन दे सकता है राहत

अदरक में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट और सूजनरोधी गुण पाए जाते हैं। अदरक को पानी में उबालकर उसका काढ़ा या हल्का गर्म पानी पीने से गले की तकलीफ और कमजोरी में कुछ राहत मिल सकती है।

हल्दी वाला दूध हो सकता है फायदेमंद

हल्दी में मौजूद करक्यूमिन एंटीऑक्सीडेंट और सूजनरोधी गुणों के लिए जाना जाता है। रात में हल्दी वाला गुनगुना दूध पीने से शरीर की रिकवरी में मदद मिल सकती है। हालांकि, यह मलेरिया का इलाज नहीं है।

दालचीनी का काढ़ा

दालचीनी, काली मिर्च और शहद से तैयार पेय का सेवन कुछ लोगों को बुखार और शरीर दर्द में आराम महसूस करा सकता है। हालांकि, इसके प्रभाव को लेकर वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं, इसलिए इसे केवल सहायक उपाय के रूप में ही अपनाएं।

मेथी दाना भी हो सकता है सहायक

रातभर पानी में भिगोए गए मेथी दानों का पानी सुबह पीने से शरीर को ऊर्जा और पोषण मिल सकता है। यह कमजोरी कम करने में मददगार हो सकता है, लेकिन मलेरिया के उपचार का विकल्प नहीं है।

मलेरिया से बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय

  • घर के आसपास पानी जमा न होने दें।
  • मच्छरदानी और मच्छररोधी क्रीम का उपयोग करें।
  • पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
  • शाम और रात के समय मच्छरों से विशेष बचाव करें।
  • तेज बुखार, ठंड लगना, पसीना आना या कमजोरी होने पर तुरंत जांच कराएं।

डॉक्टर से कब संपर्क करें?

यदि तेज बुखार, ठंड लगना, बार-बार उल्टी, बेहोशी, सांस लेने में कठिनाई या अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें। मलेरिया का इलाज केवल घरेलू नुस्खों से नहीं किया जा सकता और समय पर दवा लेना बेहद आवश्यक है।

 

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