Grand Vitara E20 विवाद: कंज्यूमर कोर्ट के फैसले को चुनौती देगी मारुति सुजुकी, बोली- कार पूरी तरह कंप्लायंट थी

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नई दिल्ली: ग्रैंड विटारा से जुड़े रायपुर कंज्यूमर कोर्ट के फैसले के खिलाफ मारुति सुजुकी ने बड़ी अदालत का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। उपभोक्ता आयोग ने कंपनी को ग्राहक की कार को E20 कंप्लायंस मॉडल से बदलने या फिर वाहन की पूरी कीमत लौटाने का आदेश दिया था। अब कंपनी इस फैसले को चुनौती देते हुए अपने पक्ष में तकनीकी तथ्यों को अदालत के सामने रखने की तैयारी कर रही है।

मारुति सुजुकी का कहना है कि संबंधित ग्राहक को बेची गई ग्रैंड विटारा पहले से ही E20 पेट्रोल के लिए पूरी तरह उपयुक्त थी। कंपनी के अनुसार, इसकी जानकारी वाहन के यूजर मैनुअल में भी स्पष्ट रूप से दी गई थी। कंपनी ने यह भी दावा किया कि जांच के दौरान कार में मिलावटी ईंधन का मामला सामने आया था, लेकिन अदालत के आदेश में इस महत्वपूर्ण पहलू पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।

क्या है पूरा मामला?

यह मामला रायपुर कंज्यूमर कोर्ट में दायर एक उपभोक्ता शिकायत से जुड़ा है। डॉक्टर प्रेमराज डेब्टा ने जून 2024 में नेक्सा डीलरशिप से मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा का स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड जेटा प्लस वेरिएंट खरीदा था।

शिकायत के अनुसार, डीलरशिप ने उन्हें बताया था कि कार का निर्माण दिसंबर 2023 में हुआ है। हालांकि बाद में आयोग के माध्यम से मिली जानकारी में सामने आया कि वाहन का निर्माण जनवरी 2023 में हुआ था।

कार में आई खराबी, मिलावटी पेट्रोल का दावा

11 नवंबर 2024 को कार में खराबी आने के बाद डैशबोर्ड पर इंजन में खराबी का संकेत दिखाई दिया। वाहन को डीलरशिप ले जाने पर बताया गया कि समस्या मिलावटी पेट्रोल के कारण हुई है। इसके बाद कार का ईंधन पूरी तरह निकालकर नया पेट्रोल भरा गया।

ग्राहक ने संबंधित पेट्रोल पंप पर शिकायत दर्ज कराई और कंपनी को भी ईमेल भेजा। पेट्रोल पंप की ओर से जवाब दिया गया कि उनके यहां उपलब्ध ईंधन में किसी प्रकार की खराबी नहीं थी।

कुछ समय बाद वाहन में दोबारा वही समस्या आई और उसे फिर डीलरशिप ले जाना पड़ा। ग्राहक का आरोप है कि समस्या लगातार बनी रही और कार लगभग एक महीने तक वर्कशॉप में खड़ी रही। बाद में डीलरशिप ने ईमेल के जरिए बताया कि मिलावटी पेट्रोल से इंजन प्रभावित हुआ है और इंजन बदलना पड़ेगा। कंपनी ने इंजन बदलने का खर्च करीब 5.30 लाख रुपये बताया और कहा कि यह वारंटी के दायरे में नहीं आएगा।

कंज्यूमर कोर्ट ने दिया यह आदेश

मामले की सुनवाई के दौरान मारुति सुजुकी और डीलरशिप ने अदालत में कहा कि ग्रैंड विटारा मॉडल E20 पेट्रोल के साथ पूरी तरह कंप्लायंट है। हालांकि, कंज्यूमर कोर्ट कंपनी की दलीलों से संतुष्ट नहीं हुआ और ग्राहक के पक्ष में फैसला सुनाया।

अदालत ने मारुति सुजुकी को निर्देश दिया कि वह ग्राहक को नई E20 कंप्लायंट ग्रैंड विटारा उपलब्ध कराए या फिर वाहन की लगभग 20.5 लाख रुपये की पूरी कीमत लौटाए। इसके अलावा मानसिक पीड़ा के लिए 1 लाख रुपये और कानूनी खर्च के लिए 10 हजार रुपये मुआवजे के रूप में देने का भी आदेश दिया।

अब बड़ी अदालत में जाएगी कंपनी

मारुति सुजुकी ने स्पष्ट किया है कि वह कंज्यूमर कोर्ट के इस फैसले को उच्च अदालत में चुनौती देगी। कंपनी का कहना है कि वह अपने पक्ष में उपलब्ध तकनीकी तथ्यों और जांच से जुड़े सभी पहलुओं को अदालत के समक्ष रखेगी।

 

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