पश्चिमी एशिया संकट पर दिल्ली में उच्चस्तरीय बैठक, पीएम मोदी ने की समीक्षा

New Delhi: PM Modi at Leaders’ Plenary with Working Lunch at India AI Impact Summit

New Delhi: PM Modi at Leaders’ Plenary with Working Lunch at India AI Impact Summit

पश्चिमी एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच सोमवार को नई दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हुए। बैठक में क्षेत्र की मौजूदा स्थिति और वहां मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चर्चा की गई।

वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई समीक्षा बैठक

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान के साथ बैठक की। कुछ देर बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी बैठक में शामिल हुए। इस दौरान पश्चिमी एशिया की स्थिति और भारत की प्रतिक्रिया को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

संसद में भी दिया गया था बयान

इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पश्चिमी एशिया के हालात पर संसद के दोनों सदनों—लोकसभा और राज्यसभा—में वक्तव्य दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम एशिया में बदलते हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं। खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक रहते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।

भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी जारी

जयशंकर ने कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए भारतीय नागरिकों को सुरक्षित भारत लाने का अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “सरकार इस समय भारतीय नागरिकों को समर्थन देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अब तक लगभग 67,000 नागरिकों की सुरक्षित वापसी हो चुकी है और आगे भी पश्चिमी एशिया से लोगों को वापस लाने की पूरी कोशिश की जा रही है।”

कैबिनेट सुरक्षा समिति की बैठक में भी हुई समीक्षा

विदेश मंत्री ने बताया कि हालात की गंभीरता को देखते हुए 1 मार्च को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट सुरक्षा समिति (सीसीएस) की बैठक हुई थी। इसमें ईरान में हुए एयरस्ट्राइक और उसके बाद कई खाड़ी देशों में हुए हमलों की जानकारी दी गई। सीसीएस ने क्षेत्र में भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की और सुरक्षा के साथ-साथ आर्थिक और कमर्शियल गतिविधियों पर पड़ने वाले असर की भी समीक्षा की।

संघर्ष बढ़ने से क्षेत्रीय स्थिति खराब

जयशंकर ने कहा कि संघर्ष लगातार बढ़ रहा है और पूरे इलाके में सुरक्षा की स्थिति काफी खराब हो गई है। यह लड़ाई दूसरे देशों में भी फैलती दिखाई दे रही है, जिससे तबाही और मौतों की संख्या बढ़ रही है। पूरे क्षेत्र में सामान्य जीवन और आर्थिक गतिविधियों पर भी इसका साफ असर पड़ा है और कुछ जगहों पर गतिविधियां रुक गई हैं।

भारत ने बातचीत और कूटनीति पर दिया जोर

उन्होंने कहा कि भारत ने 3 मार्च को एक बार फिर बातचीत और कूटनीति के जरिए संघर्ष समाप्त करने की अपील की है। जयशंकर ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि पूरा सदन भी जान-माल के नुकसान पर दुख व्यक्त करने में उनके साथ है।