E20 पेट्रोल पर नई बहस! टंकी पर जुटीं चींटियां, वायरल वीडियो के बीच जानिए क्या है पूरा मामला

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नई दिल्ली: इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल को भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। लेकिन अब सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने E20 पेट्रोल को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। वीडियो में एक वाहन की फ्यूल टैंक कैप के आसपास बड़ी संख्या में चींटियां दिखाई दे रही हैं, जिसके बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की वजह से ऐसा हो रहा है।

वायरल वीडियो को सिक्किम का बताया जा रहा है। करीब 56 सेकंड के इस वीडियो में वाहन की पेट्रोल टंकी के ढक्कन के पास चींटियों का झुंड नजर आता है। वीडियो में दावा किया गया है कि पेट्रोल में मौजूद इथेनॉल या गन्ने से जुड़े तत्वों के कारण चींटियां आकर्षित हो रही हैं। इसी दावे ने सोशल मीडिया पर बहस को और तेज कर दिया है।

क्या इथेनॉल की वजह से आ रही हैं चींटियां?

मीडिया रिपोर्ट्स में विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि इथेनॉल में मौजूद विशेष गंध चींटियों को आकर्षित कर सकती है। उनका मानना है कि कुछ परिस्थितियों में चींटियां इसकी महक को भोजन या फलों जैसी गंध समझकर उस स्थान तक पहुंच सकती हैं। हालांकि, इसे लेकर कोई सार्वभौमिक वैज्ञानिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है और हर मामले में यही वजह हो, ऐसा जरूरी नहीं है।

भारत में E20 ईंधन को लेकर क्या है स्थिति?

देश में इथेनॉल मिश्रित ईंधन के उपयोग को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार के मुताबिक, 1 अप्रैल 2023 से पहले बिके अधिकांश वाहन E10 ईंधन के अनुरूप बनाए गए थे, जबकि इसके बाद बाजार में आने वाले वाहनों को E20 ईंधन के अनुकूल तकनीक के साथ तैयार किया गया है।

वाहन निर्माताओं को यह भी अनिवार्य किया गया है कि वे वाहन पर स्पष्ट रूप से बताएं कि उसमें अधिकतम कितना इथेनॉल मिश्रित ईंधन इस्तेमाल किया जा सकता है। यह जानकारी आमतौर पर फ्यूल टैंक कैप या उसके आसपास लगे स्टिकर पर उपलब्ध रहती है।

देश की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार भी बाजार में

हाल ही में देश की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार पेश की गई है, जो E20 से लेकर E100 तक यानी 20 प्रतिशत से 100 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रित ईंधन पर चल सकती है। इस तकनीक का उद्देश्य पेट्रोल पर निर्भरता कम करना और वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देना है।

100 प्रतिशत इथेनॉल के उपयोग की तैयारी पूरी

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में जानकारी दी कि ईंधन के रूप में 100 प्रतिशत इथेनॉल के उपयोग को कानूनी मान्यता देने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए उच्च इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधनों को बढ़ावा देने की दिशा में भी तेजी से काम किया जा रहा है।

समय से पहले हासिल हुआ इथेनॉल मिश्रण लक्ष्य

केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, भारत ने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण बढ़ाने का लक्ष्य तय समय से पहले हासिल कर लिया है। वर्ष 2014 में जहां मिश्रण का स्तर करीब 1.5 प्रतिशत था, वहीं कुछ वर्षों में यह बढ़कर 20 प्रतिशत तक पहुंच गया। सरकार इसे ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ी उपलब्धि मान रही है।

वायरल दावे और वैज्ञानिक जांच के बीच चर्चा जारी

फिलहाल चींटियों और E20 पेट्रोल के संबंध को लेकर वायरल दावों ने लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि किसी एक वीडियो के आधार पर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। इसके लिए विस्तृत वैज्ञानिक अध्ययन और तकनीकी जांच की आवश्यकता है।

 

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