‘गांगुली के घर ED की रेड’ वाली पोस्ट पर बवाल! फेक खबर से भड़के दादा, फेसबुक पेज और डिजिटल प्लेटफॉर्म के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत

freepressjournal_import_2018_09_Sourav-Ganguly

कोलकाता: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने अपनी छवि को नुकसान पहुंचाने और भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में एक अनौपचारिक फेसबुक पेज और एक डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। गांगुली का कहना है कि उनके बारे में झूठी और मानहानिकारक सामग्री प्रसारित की जा रही है, जिससे उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है।

15 जून को थाने पहुंचे सौरव गांगुली

जानकारी के मुताबिक सौरव गांगुली ने 15 जून 2026 को कोलकाता के ठाकुरपुकुर थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। अपनी शिकायत में उन्होंने ‘सौरव गांगुली फैंस’ नामक फेसबुक पेज और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘स्पोर्ट्सविकी’ का उल्लेख किया है। गांगुली का आरोप है कि इन माध्यमों के जरिए उनके संबंध में लगातार भ्रामक और तथ्यहीन खबरें प्रकाशित की जा रही हैं।

ED छापेमारी के दावे से शुरू हुआ विवाद

पूरा मामला उस पोस्ट के बाद सामने आया, जिसमें दावा किया गया था कि प्रवर्तन निदेशालय ने सौरव गांगुली के घर पर छापेमारी की है। पूर्व कप्तान ने इस दावे को पूरी तरह झूठा, निराधार और भ्रामक बताया है। उनका कहना है कि इस तरह की खबरें जनता के बीच भ्रम पैदा करने के साथ-साथ उनकी व्यक्तिगत छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं।

‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर नहीं फैल सकती झूठी जानकारी’

शिकायत में गांगुली ने कहा है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों को आलोचनाओं का सामना करना पड़ता है, लेकिन किसी व्यक्ति के बारे में झूठी और मानहानिकारक सामग्री प्रसारित करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमा से बाहर है। उन्होंने आरोप लगाया कि 36 लाख से अधिक फॉलोअर्स वाले इस फेसबुक पेज पर लगातार ऐसी सामग्री साझा की जा रही है, जो उनकी व्यक्तिगत और पेशेवर प्रतिष्ठा को प्रभावित कर रही है।

पेज संचालकों पर कार्रवाई की मांग

पूर्व भारतीय कप्तान ने पुलिस से मांग की है कि संबंधित पेज और प्लेटफॉर्म के संचालकों की पहचान की जाए, सामग्री के स्रोत की जांच हो और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया मंचों के दुरुपयोग को रोकने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने की अपील की है।

पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार फेसबुक पेज और उससे जुड़े प्रकाशकों की डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

एक नज़र