अब हाईवे पर गाड़ियों को मिलेगा सुरक्षित ठहरने का रास्ता, सरकार ने बढ़ाई सड़क किनारे की पट्टियों की चौड़ाई
नई दिल्ली: देशभर के राष्ट्रीय राजमार्ग अब पहले के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने हाईवे के किनारे बने पक्के और मिट्टी वाले शोल्डर की चौड़ाई बढ़ाने को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य आपात स्थिति में वाहनों को मुख्य सड़क से हटाकर सुरक्षित तरीके से खड़ा करने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराना और सड़क हादसों का खतरा कम करना है।
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, हाईवे की पर्याप्त चौड़ाई नहीं होने के कारण हर साल औसतन 25 हजार से अधिक सड़क हादसे दर्ज किए जाते हैं। इसी को देखते हुए सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए शोल्डर की चौड़ाई के मानकों में बदलाव किया गया है।
निर्माणाधीन और नई परियोजनाओं में लागू होंगे नए मानक
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 11 अगस्त को इस संबंध में संशोधन पत्र जारी किया है। इसके तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम और लोक निर्माण विभाग को निर्माणाधीन तथा भविष्य की सभी परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट नए मानकों के आधार पर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
नए प्रावधानों का उद्देश्य हाईवे पर खराब वाहन, आपात स्थिति या अन्य कारणों से रुकने वाले वाहनों को मुख्य लेन से अलग जगह उपलब्ध कराना है। इससे तेज रफ्तार वाहनों और सड़क किनारे खड़े वाहनों के बीच टक्कर की आशंका कम हो सकती है।
दो लेन वाले हाईवे पर पक्का शोल्डर 2.5 मीटर होगा
नए दिशा-निर्देशों के तहत दो लेन वाले हाईवे पर पक्के शोल्डर की चौड़ाई 1.5 मीटर से बढ़ाकर 2.5 मीटर कर दी गई है। वहीं, मिट्टी वाले शोल्डर की चौड़ाई 2 मीटर से घटाकर 1.5 मीटर की गई है।
इस बदलाव के बाद हाईवे के किनारे वाहनों के आपात स्थिति में रुकने के लिए पहले की तुलना में ज्यादा पक्की जगह उपलब्ध होगी।
चार लेन वाले हाईवे में भी बदलाव
चार लेन वाले हाईवे पर पक्के शोल्डर की चौड़ाई 1.5 से 2 मीटर के मौजूदा दायरे से बढ़ाकर 2.5 मीटर कर दी गई है। वहीं, मिट्टी वाले शोल्डर की चौड़ाई 1.5 से 2 मीटर के बीच रखी गई है।
इन बदलावों से सड़क के मुख्य हिस्से पर खड़े या खराब वाहनों की वजह से यातायात प्रभावित होने की समस्या को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
पहाड़ी इलाकों के लिए अलग प्रावधान
पहाड़ी और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाले क्षेत्रों के लिए नए नियमों में विशेष प्रावधान रखा गया है। ऐसे इलाकों में स्थानीय भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए पक्के शोल्डर की न्यूनतम चौड़ाई 1.5 से 2 मीटर तक सीमित रखी जा सकेगी।
विशेषज्ञों के मुताबिक, सड़क किनारे पर्याप्त जगह मिलने से आपात स्थिति में वाहन सुरक्षित तरीके से मुख्य लेन से हटाए जा सकेंगे। इससे हाईवे पर पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा में भी सुधार हो सकता है।





