भारत का बड़ा एनर्जी सप्लायर बना अमेरिका, LPG निर्यात में हासिल किया पहला स्थान; ऊर्जा के साथ रक्षा और परमाणु सहयोग भी बढ़ा

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नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच पिछले एक साल में संबंधों में और मजबूती आई है। खास तौर पर ऊर्जा क्षेत्र में दोनों देशों के बीच कारोबार बढ़ा है। अमेरिका अब भारत को LPG की आपूर्ति करने वाला सबसे बड़ा देश बन गया है। अमेरिकी विदेश विभाग की वरिष्ठ अधिकारी बेथनी मॉरिसन ने यह जानकारी दी है।

अमेरिका बना भारत का सबसे बड़ा LPG सप्लायर

न्यूयॉर्क फॉरेन प्रेस सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मॉरिसन ने भारत-अमेरिका संबंधों पर बात की। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में दोनों देशों की साझेदारी का दायरा काफी बढ़ा है। अब दोनों देश ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और कूटनीति समेत कई क्षेत्रों में साथ काम कर रहे हैं।

मॉरिसन के मुताबिक, भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए अलग-अलग देशों और स्रोतों से आपूर्ति बढ़ा रहा है। ऐसे में अमेरिका भी भारत के प्रमुख ऊर्जा आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हो गया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को इस बात पर गर्व है कि वह अब भारत को LPG निर्यात करने वाला सबसे बड़ा देश बन गया है। भारत जिस तरह अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता ला रहा है, उसमें अमेरिका भी एक महत्वपूर्ण आपूर्तिकर्ता की भूमिका निभा रहा है।

रक्षा और परमाणु ऊर्जा में भी बढ़ा सहयोग

अमेरिकी अधिकारी ने भारत और अमेरिका के बीच हुए 10 साल के डिफेंस फ्रेमवर्क एग्रीमेंट का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र के साथ-साथ दोनों देश परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहे हैं।

मॉरिसन ने कहा कि भारत ने करीब 20 साल बाद अपने परमाणु क्षेत्र से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए SHANTI Act पारित किया है। इससे भारत और अमेरिका के बीच असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ने की उम्मीद जताई गई है।

व्यापार और क्वाड में भी साथ काम कर रहे दोनों देश

मॉरिसन ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच सहयोग सिर्फ ऊर्जा और रक्षा तक सीमित नहीं है। दोनों देशों के बीच बड़े व्यापारिक समझौतों पर भी काम हो रहा है। इसके अलावा क्वाड जैसे मंचों पर भी भारत और अमेरिका मिलकर काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन के लिए पूरा दक्षिण एशिया महत्वपूर्ण है। उनके मुताबिक, पहले दुनिया के दूसरे हिस्सों में होने वाली घटनाओं के कारण दक्षिण एशिया पर अक्सर तब ज्यादा ध्यान दिया जाता था, जब इस क्षेत्र में कोई संकट पैदा होता था।

दक्षिण एशिया पर अमेरिका का बढ़ा ध्यान

मॉरिसन ने कहा कि ट्रंप प्रशासन दक्षिण एशिया को दुनिया के बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक मानता है और अब अमेरिका इस पूरे क्षेत्र पर पहले की तुलना में ज्यादा ध्यान दे रहा है। भारत के साथ ऊर्जा, रक्षा, परमाणु सहयोग और व्यापार के क्षेत्र में बढ़ती साझेदारी इसी व्यापक रणनीतिक जुड़ाव का हिस्सा है।

 

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