‘गटर जनरेशन’ कहकर बुरी फंसी कंगना रनौत, कोर्ट ने याचिका स्वीकार की; 21 अगस्त को सुनवाई, SC तक जाने की तैयारी
नई दिल्ली: भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत की ओर से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं को लेकर की गई कथित टिप्पणी अब कानूनी विवाद में बदल गई है। प्रदर्शनकारी छात्रों, उनके माता-पिता और ‘जेन जेड’ को लेकर कथित आपत्तिजनक बयान के मामले में आगरा की विशेष एमपी-एमएलए अदालत ने उनके खिलाफ दायर याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है। मामले में अगली सुनवाई 21 अगस्त को होगी।
यह मामला जून-जुलाई में कॉकरोच जनता पार्टी की अगुवाई में हुए उस आंदोलन से जुड़ा है, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए थे। आंदोलन के दौरान प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया गया था। याचिकाकर्ता अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा का आरोप है कि इसी दौरान कंगना रनौत ने प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों और उनके माता-पिता के साथ जेन जेड को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
वकील ने लगाए गंभीर आरोप
याचिकाकर्ता और अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा ने बताया कि अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 21 अगस्त की तारीख तय की है। उनका आरोप है कि कंगना रनौत ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों को ‘गटर जनरेशन’ कहा और उनके माता-पिता के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणी की। अधिवक्ता के मुताबिक, छात्रों का अपमान देश के युवाओं और उनके भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है।
21 अगस्त को कोर्ट में होगी सुनवाई
अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने याचिका स्वीकार कर ली है और अब 21 अगस्त को इस मामले में दलीलें सुने जाने की उम्मीद है। इसके बाद अदालत मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर निर्णय ले सकती है। याचिकाकर्ता पक्ष ने सुनवाई की तैयारियां शुरू कर दी हैं।
खारिज हुई तो हाई कोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे
रमाशंकर शर्मा ने कहा कि अगर आगरा की अदालत याचिका खारिज करती है तो वह पुनरीक्षण याचिका के जरिए सत्र अदालत का रुख करेंगे। जरूरत पड़ने पर मामले को उच्चतम न्यायालय तक ले जाने की भी तैयारी है। इस तरह कंगना रनौत की कथित टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ विवाद अब कानूनी लड़ाई का रूप ले चुका है।
क्या कहा था कंगना रनौत ने?
कंगना रनौत ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे जेन जेड युवाओं को लेकर ‘जेनरेशन गटर’ शब्द का इस्तेमाल किया था। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा था कि उनकी रील्स देखकर उन्हें घिन आती है। उन्होंने यह भी सवाल किया था कि ऐसे युवाओं को कौन पैदा कर रहा है और कौन उनका पालन-पोषण कर रहा है।
एक सेल्फी वीडियो में कंगना ने मीडिया पर भी निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि कुछ प्रदर्शनकारियों के कथित ‘गटर छाप’, अनैतिक और अश्लील व्यवहार को सामान्य नहीं बनाया जाना चाहिए। उनके मुताबिक, ऐसा व्यवहार बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के सामने सड़कों पर किया जा रहा था, जिसे समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता।





