जब अमिताभ बच्चन के स्टारडम से घबराई थी विदेशी सरकार! फिल्मों पर लगी रोक, फिर उसी देश ने दिया सबसे बड़ा सम्मान
नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन की लोकप्रियता सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही है। दशकों से दुनियाभर में उनके करोड़ों प्रशंसक मौजूद हैं। खासकर 1980 और 1990 के दशक में मिडिल ईस्ट के कई देशों में अमिताभ बच्चन की फिल्मों का ऐसा जादू चला कि उनका स्टारडम स्थानीय फिल्म उद्योगों के लिए भी बड़ी चुनौती बन गया था। इसी दौर में मिस्र से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा सामने आया, जिसने उनके वैश्विक प्रभाव को नई पहचान दी।
मिस्र में बढ़ी भारतीय फिल्मों की लोकप्रियता
उस समय मिस्र में भारतीय फिल्मों का क्रेज लगातार बढ़ रहा था और अमिताभ बच्चन की फिल्में दर्शकों के बीच खास तौर पर पसंद की जा रही थीं। उनकी फिल्मों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग सिनेमाघरों का रुख कर रहे थे। बताया जाता है कि भारतीय फिल्मों की बढ़ती मांग का असर स्थानीय फिल्म उद्योग पर भी दिखाई देने लगा था।
स्थानीय सिनेमा को बचाने के लिए उठाया गया बड़ा कदम
रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्थानीय फिल्म उद्योग को प्रोत्साहित करने और घरेलू फिल्मों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मिस्र सरकार ने कुछ भारतीय फिल्मों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। इनमें अमिताभ बच्चन की फिल्मों को लेकर भी सख्ती बरती गई। माना गया कि उनकी लोकप्रियता स्थानीय फिल्मों के लिए चुनौती बन रही थी।
प्रतिबंध के बाद भी नहीं टूटा फैंस का जुनून
सरकारी रोक के बावजूद अमिताभ बच्चन के प्रशंसकों का उत्साह कम नहीं हुआ। कई जगहों पर लोग निजी आयोजनों और छोटे थिएटरों के माध्यम से उनकी फिल्में देखते रहे। उनके गानों और फिल्मों को लेकर लोगों का आकर्षण लगातार बना रहा। यह स्थिति बताती है कि उस दौर में अमिताभ बच्चन केवल एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक पहचान बन चुके थे।
काहिरा एयरपोर्ट पर उमड़ी थी भारी भीड़
साल 1991 में काहिरा फिल्म फेस्टिवल में शामिल होने के लिए जब अमिताभ बच्चन मिस्र पहुंचे, तब उनके स्वागत के लिए बड़ी संख्या में लोग एयरपोर्ट पहुंच गए। हालात ऐसे बन गए कि भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया। इस घटना को बाद में अमिताभ बच्चन ने भी अपने जीवन के यादगार अनुभवों में शामिल बताया था।
जिस देश ने रोका, उसी ने किया सम्मानित
समय के साथ मिस्र में अमिताभ बच्चन की लोकप्रियता और मजबूत होती गई। आखिरकार वर्ष 2001 में मिस्र सरकार और वहां के सांस्कृतिक संस्थानों ने उनके वैश्विक योगदान और असाधारण लोकप्रियता को सम्मानित करते हुए उन्हें ‘एक्टर ऑफ द सेंचुरी’ सम्मान प्रदान किया। यह सम्मान उनके अंतरराष्ट्रीय प्रभाव और भारतीय सिनेमा की वैश्विक पहुंच का प्रतीक माना गया।
सीमाओं से परे पहुंचा भारतीय सिनेमा
अमिताभ बच्चन से जुड़ा यह पूरा घटनाक्रम इस बात का उदाहरण है कि कला और सिनेमा की ताकत किसी भी भौगोलिक सीमा से बड़ी होती है। जनता का प्रेम और समर्थन किसी कलाकार को वैश्विक पहचान दिला सकता है। महानायक का यह सफर भारतीय सिनेमा की अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता की भी एक बड़ी मिसाल माना जाता है।



