विदेशों में भारतीयों पर सख्ती तेज: 2025 में 19,811 नागरिक डिपोर्ट, यूएई और अमेरिका से सबसे ज्यादा वापसी

dubai

नई दिल्ली: विदेशों में अवैध रूप से रहने और वीजा नियमों के उल्लंघन के मामलों में भारतीय नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी देखने को मिली है। विदेश मंत्रालय की ओर से संसद में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 के दौरान कुल 19,811 भारतीय नागरिकों को विभिन्न देशों में हिरासत में लिया गया या डिपोर्ट कर भारत वापस भेजा गया। इनमें सबसे अधिक मामले खाड़ी देशों और अमेरिका से दर्ज किए गए हैं।

यूएई और अमेरिका से सबसे ज्यादा भारतीय लौटे

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में संयुक्त अरब अमीरात से सबसे अधिक 7,896 भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया गया। इसके बाद अमेरिका से 3,500, म्यांमार से 1,676, मलेशिया से 1,675 और कंबोडिया से 1,300 भारतीयों को वापस भारत भेजा गया।

वीजा नियमों की अनदेखी बनी प्रमुख कारण

विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी संख्या में भारतीय रोजगार के लिए खाड़ी देशों का रुख करते हैं। कई मामलों में नौकरी समाप्त होने या वीजा की अवधि खत्म होने के बाद समय पर उसका नवीनीकरण नहीं कराया जाता। ऐसी स्थिति में संबंधित व्यक्ति स्थानीय कानूनों के तहत अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों की श्रेणी में आ जाते हैं। इसके बाद संबंधित देशों की एजेंसियां उन्हें हिरासत में लेकर निर्वासन की प्रक्रिया पूरी करती हैं।

छोटे देशों से भी सामने आए डिपोर्टेशन के मामले

विदेश मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि केवल बड़े देशों में ही नहीं, बल्कि कई छोटे देशों में भी भारतीय नागरिकों के खिलाफ अवैध आव्रजन से जुड़ी कार्रवाई हुई। वर्ष 2025 में बांग्लादेश से 231, कोलंबिया से 30, स्लोवाकिया से 27, जॉर्जिया से 12, लिथुआनिया से 4, माल्टा से 3 और जमैका से 3 भारतीय नागरिकों को हिरासत में लिया गया या डिपोर्ट कर भारत भेजा गया।

भारत में भी अवैध रूप से रह रहे विदेशियों पर कार्रवाई

भारत में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के संबंध में विस्तृत सरकारी आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए जाते। हालांकि आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, हर वर्ष लगभग 2,000 से 2,500 विदेशी नागरिकों को अवैध रूप से रहने के आरोप में हिरासत में लिया जाता है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें उनके संबंधित देशों में वापस भेज दिया जाता है।

स्थानीय कानूनों का पालन करना पहले से ज्यादा जरूरी

विदेश मंत्रालय के आंकड़े संकेत देते हैं कि रोजगार, कारोबार या अन्य कारणों से विदेश जाने वाले भारतीयों के लिए स्थानीय आव्रजन और वीजा नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक हो गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर हिरासत, जुर्माना और डिपोर्टेशन जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। दूसरी ओर, भारत भी अपने यहां अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ समय-समय पर कानूनी कार्रवाई करता है।

 

----------------------------------------------------------------------------------------------

एक नज़र