तीखा और मसालेदार खाना दिल के लिए फायदेमंद? रिसर्च में सामने आए संकेत, लेकिन इन गलतियों से रहें सावधान

a-225

नई दिल्ली: मसालेदार भोजन को लेकर अक्सर यह धारणा रहती है कि इसका अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। हालांकि, कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में यह संकेत मिले हैं कि सीमित मात्रा में पारंपरिक भारतीय मसालों से तैयार भोजन हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मसालों में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट तत्व रक्त वाहिकाओं के कार्य में सुधार करने में मदद कर सकते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि अत्यधिक मसालेदार भोजन रोजाना खाया जाए।

रिसर्च में क्या सामने आया?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, “न्यूट्रिशन जर्नल” में प्रकाशित एक अध्ययन में दालचीनी, हल्दी, लहसुन, जीरा, अजवाइन, तेजपत्ता, लौंग, काली मिर्च, अदरक, प्याज और मिर्च जैसे मसालों से तैयार भोजन के प्रभाव का आकलन किया गया। अध्ययन में करीब 45 वर्ष आयु वर्ग के 14 स्वस्थ लोगों को मसालों से तैयार भोजन दिया गया, जबकि 14 अन्य प्रतिभागियों को बिना मसालों वाला भोजन कराया गया।

भोजन से पहले और बाद में सभी प्रतिभागियों की रक्त वाहिकाओं की कार्यप्रणाली की जांच की गई।

रक्त प्रवाह में सुधार के मिले संकेत

अध्ययन के दौरान पाया गया कि जिन लोगों ने मसालों से तैयार भोजन का सेवन किया, उनमें रक्त वाहिकाओं के फैलाव और रक्त प्रवाह की क्षमता में सुधार देखा गया। वहीं, बिना मसालों वाला भोजन करने वाले समूह में ऐसा प्रभाव नहीं मिला। शोधकर्ताओं का मानना है कि मसालों में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट तत्व इस बदलाव में भूमिका निभा सकते हैं।

किन लोगों के लिए हो सकता है लाभकारी

विशेषज्ञों के मुताबिक, जिन लोगों में धमनियों के कठोर होने यानी एथेरोस्क्लेरोसिस की समस्या होती है, उनके लिए संतुलित मात्रा में मसालों का सेवन लाभदायक हो सकता है। हालांकि, यह किसी बीमारी का इलाज नहीं है और हृदय रोग से पीड़ित लोगों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही खानपान अपनाना चाहिए।

इन गलतियों से बचना भी जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि मसालेदार भोजन का अधिक मात्रा में या रोजाना सेवन नहीं करना चाहिए। अत्यधिक तीखा भोजन गैस, एसिडिटी, पेट में जलन और पाचन संबंधी अन्य समस्याओं का कारण बन सकता है। इसलिए मसालों का सेवन हमेशा संतुलित मात्रा में करना बेहतर माना जाता है।

संतुलित आहार पर दें जोर

विशेषज्ञों का कहना है कि पारंपरिक भारतीय मसालों का संतुलित उपयोग स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है, लेकिन केवल मसालेदार भोजन के भरोसे हृदय को स्वस्थ नहीं रखा जा सकता। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और स्वस्थ जीवनशैली भी दिल को स्वस्थ रखने के लिए उतनी ही जरूरी हैं।

 

----------------------------------------------------------------------------------------------

एक नज़र