तिरुपति घी मिलावट केस में ED का बड़ा एक्शन, पाम ऑयल और केमिकल से नकली घी बनाने वाला कैलाश चंद मंगला गिरफ्तार

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नई दिल्ली: तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को मिलावटी घी सप्लाई करने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने मामले में सह-साजिशकर्ता बताए जा रहे कैलाश चंद मंगला को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने मिलावट के लिए इस्तेमाल होने वाली सामग्री खरीदने में मदद की और अपनी फैक्ट्री में मिलावटी घी तैयार कराया। मंगला को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 की धारा 19 के तहत 17 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पाम ऑयल और कई केमिकल से तैयार किया गया घी

ED की जांच के मुताबिक, कथित तौर पर मिलावटी घी तैयार करने में रिफाइंड पाम ऑयल, पाम कर्नल ऑयल, पामोलिन के साथ MG-90, मोनोग्लिसराइड्स, मायवासेट सॉफ्ट 400 और एसिटिक एसिड एस्टर जैसे रसायनों का इस्तेमाल किया गया। जांच एजेंसी का आरोप है कि तैयार किए गए इस मिलावटी उत्पाद को TTD को ‘एगमार्क स्पेशल ग्रेड गाय का घी’ बताकर सप्लाई किया गया।

ED ने बताया कि यह कार्रवाई तिरुपति ईस्ट पुलिस स्टेशन में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की गई जांच के तहत की गई। एफआईआर में TTD को मिलावटी घी की कथित धोखाधड़ीपूर्ण सप्लाई के संबंध में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं।

2019 से 2024 के बीच 230 करोड़ की कथित सप्लाई

केंद्रीय जांच एजेंसी के अनुसार, 2019 से 2024 के बीच TTD को कथित तौर पर धोखाधड़ीपूर्ण तरीके से सप्लाई किए गए घी की कीमत करीब 230 करोड़ रुपये थी। ED का कहना है कि इसमें से करीब 96 करोड़ रुपये का मिलावटी घी कैलाश चंद मंगला ने तैयार किया था।

मंगला सुकृति फूड्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर हैं। ED के मुताबिक, वह कथित साजिश में शामिल लोगों में से एक थे और उन्होंने मिलावट में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की खरीद में मदद करने के साथ अपनी फैक्ट्री में मिलावटी घी तैयार किया।

मुखौटा कंपनियों के जरिए सप्लाई का आरोप

ED ने आरोप लगाया है कि मंगला ने श्री वैष्णवी डेयरी स्पेशलिटीज प्राइवेट लिमिटेड, मालगंगा मिल्क एंड एग्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और AR डेयरी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों के जरिए मिलावटी घी की सप्लाई की व्यवस्था की।

जांच एजेंसी के मुताबिक, घी और रिफाइंड पाम ऑयल की खरीद-बिक्री से संबंधित कथित तौर पर फर्जी रिकॉर्ड भी तैयार किए गए। ED का कहना है कि इन रिकॉर्ड के जरिए मिलावट में इस्तेमाल सामग्री के वास्तविक उपयोग को छिपाने और असली गाय के घी के उत्पादन व सप्लाई का दिखावा करने की कोशिश की गई।

इससे पहले विपिन जैन की भी हुई गिरफ्तारी

इस मामले में ED इससे पहले भोले बाबा ऑर्गेनिक डेयरी मिल्क प्राइवेट लिमिटेड के प्रमोटर और निदेशक विपिन जैन को गिरफ्तार कर चुकी है। उन पर भी TTD को मिलावटी घी तैयार कर धोखाधड़ीपूर्ण तरीके से सप्लाई करने की कथित साजिश में शामिल होने का आरोप है। मामले की जांच अभी जारी है।

 

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