PM मोदी का बड़ा कूटनीतिक मिशन! जुलाई में 3 देशों का दौरा, 38 साल बाद न्यूजीलैंड पहुंचेगा कोई भारतीय प्रधानमंत्री
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुलाई महीने में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के महत्वपूर्ण देशों की यात्रा पर जा सकते हैं। जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री 6 से 11 जुलाई के बीच इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर रह सकते हैं। इस संभावित यात्रा को भारत की रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक प्राथमिकताओं के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, यात्रा कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है। हालांकि प्रधानमंत्री कार्यालय और विदेश मंत्रालय की ओर से अभी तक इस प्रस्तावित दौरे की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में कार्यक्रम में बदलाव की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
इंडोनेशिया में रक्षा और समुद्री सहयोग पर रहेगा फोकस
दौरे के पहले चरण में प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया पहुंच सकते हैं, जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो से होने की संभावना है। दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा, व्यापार, संपर्क व्यवस्था और क्षेत्रीय साझेदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित भारत-इंडोनेशिया संयुक्त आयोग की बैठक में भी इन विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई थी। माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री स्तर की वार्ता में इन्हीं मुद्दों को आगे बढ़ाया जाएगा।
ऑस्ट्रेलिया के साथ रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई मजबूती
ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के बीच कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है। बातचीत का केंद्र व्यापक रणनीतिक साझेदारी, रक्षा और सुरक्षा सहयोग, महत्वपूर्ण खनिज संसाधन, शिक्षा और व्यापारिक संबंधों को और मजबूत बनाना रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच भारत और ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी पहले से अधिक अहम होती जा रही है।
38 साल बाद न्यूजीलैंड पहुंचेगा कोई भारतीय प्रधानमंत्री
इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव न्यूजीलैंड माना जा रहा है। यदि यह यात्रा होती है तो वर्ष 1986 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के दौरे के बाद पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड पहुंचेगा।
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की मुलाकात न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन से हो सकती है। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, शिक्षा, कृषि, प्रौद्योगिकी और क्षेत्रीय सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा की संभावना है।
हाल ही में फ्रांस और स्लोवाकिया का दौरा कर चुके हैं मोदी
प्रधानमंत्री मोदी हाल ही में फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा पूरी कर भारत लौटे हैं। 13 से 18 जून तक चले इस दौरे के दौरान उन्होंने जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लिया और कई वैश्विक नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।
फ्रांस में उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की थी। वहीं स्लोवाकिया की उनकी यात्रा भी ऐतिहासिक रही, क्योंकि वह इस देश का दौरा करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने।
इंडो-पैसिफिक में भारत की बढ़ती सक्रियता का संकेत
विश्लेषकों का मानना है कि प्रस्तावित तीन देशों का यह दौरा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की बढ़ती सक्रियता और रणनीतिक उपस्थिति को और मजबूत करेगा। साथ ही व्यापार, निवेश, सुरक्षा और भारतीय समुदाय से जुड़े मुद्दों पर भी नई संभावनाएं खुल सकती हैं।





