अमरनाथ यात्रा पर आतंकी साजिश का बड़ा खुलासा! 36 पाकिस्तानी आतंकियों की घुसपैठ की आशंका, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

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नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की एक बड़ी साजिश का इनपुट सामने आया है। खुफिया जानकारी के अनुसार पाकिस्तान से जुड़े करीब 45 ‘ए ग्रेड’ आतंकी राज्य में छिपे हुए हैं, जिनमें से 36 आतंकियों के अमरनाथ यात्रा मार्ग पर हमले की योजना बनाने की आशंका जताई जा रही है। इस इनपुट के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं।

सूत्रों के मुताबिक, ये आतंकी अत्याधुनिक हथियारों से लैस हैं और इनकी ट्रेनिंग अफगानिस्तान फ्रंट पर हुई बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि ये आतंकी जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे संगठनों से जुड़े हैं और इन्हें स्थानीय ओवर ग्राउंड वर्कर्स से भी सहायता मिल रही है।

यात्रा रूट पर कड़ी सुरक्षा, हर 1000 मीटर पर तैनात सुरक्षाबल

सुरक्षा एजेंसियों ने अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। यात्रा मार्ग के हर 1000 मीटर पर सीआरपीएफ और अन्य केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। इसके अलावा पहाड़ी और जंगल क्षेत्रों में ड्रोन की मदद से लगातार निगरानी की जा रही है।

पब्लिक ट्रांसपोर्ट और संवेदनशील इलाकों पर भी विशेष नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत रोका जा सके।

ओवर ग्राउंड वर्कर्स पर कार्रवाई तेज

जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ मिलकर सुरक्षा एजेंसियां उन ओवर ग्राउंड वर्कर्स की पहचान में जुटी हैं, जो आतंकियों को लॉजिस्टिक और स्थानीय मदद उपलब्ध करा सकते हैं। इसके लिए कई इलाकों में लगातार तलाशी अभियान चलाए जा रहे हैं और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।

हाल ही में शोपियां में हुई कार्रवाई में तीन ओवर ग्राउंड वर्कर्स को गिरफ्तार किया गया था, जिनके पास से हथियार और गोला-बारूद भी बरामद हुए थे।

पहाड़ी गुफाओं में छिपने की आशंका

सूत्रों के अनुसार, आतंकी पहाड़ी क्षेत्रों में बनी गुफाओं और दुर्गम इलाकों को अपने ठिकाने के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। इसी वजह से सुरक्षा बलों ने ऊंचाई वाले इलाकों में सघन निगरानी बढ़ा दी है।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर

खुफिया एजेंसियों का कहना है कि भले ही आतंकियों की योजना को लेकर इनपुट मिले हैं, लेकिन सुरक्षा घेरा इतना मजबूत किया गया है कि यात्रा मार्ग तक उनकी पहुंच बनाना आसान नहीं होगा। सभी सुरक्षा एजेंसियां समन्वय के साथ काम कर रही हैं ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और निर्बाध रहे।

 

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