लोहागढ़ किला बना चर्चा का केंद्र! चर्चित हत्याकांड के बाद उमड़ी भीड़, ‘डार्क टूरिज्म’ पर उठे बड़े सवाल

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नई दिल्ली: महाराष्ट्र के पुणे जिले स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किला इन दिनों अपने गौरवशाली इतिहास नहीं, बल्कि हालिया चर्चित हत्याकांड के कारण सुर्खियों में है। मराठा इतिहास, स्थापत्य कला और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध यह किला अब बड़ी संख्या में ऐसे लोगों को आकर्षित कर रहा है, जो कथित हत्या से जुड़े स्थान को देखने पहुंच रहे हैं। इस बदलते रुझान ने डार्क टूरिज्म और सामाजिक संवेदनशीलता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

स्थानीय स्तर पर दावा किया जा रहा है कि कुछ लोग घटनास्थल को अनौपचारिक रूप से एक नए नाम से संबोधित कर रहे हैं और उसी स्थान को देखने के उद्देश्य से किले तक पहुंच रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई वीडियो और तस्वीरों में भी बड़ी संख्या में लोगों को घटनास्थल के आसपास मौजूद देखा जा सकता है। इनमें से कई लोग वहां फोटो, वीडियो और रील बनाने में विशेष रुचि दिखा रहे हैं।

क्या है डार्क टूरिज्म, क्यों हो रही चर्चा?

विशेषज्ञों के अनुसार किसी ऐसी जगह की यात्रा करना, जो हत्या, दुर्घटना, युद्ध, प्राकृतिक आपदा या किसी अन्य त्रासदी से जुड़ी हो, डार्क टूरिज्म की श्रेणी में आता है। पहले इस तरह के पर्यटन का उद्देश्य इतिहास को समझना, पीड़ितों को श्रद्धांजलि देना और घटनाओं से सीख लेना माना जाता था।

हालांकि समय के साथ इसका स्वरूप बदलता नजर आ रहा है। अब कई मामलों में लोग केवल चर्चित या वायरल घटनाओं से जुड़ी जगहों को देखने की उत्सुकता में वहां पहुंच रहे हैं। ऐसे दौर में ऐतिहासिक समझ या सामाजिक सरोकारों की बजाय सोशल मीडिया पर सामग्री साझा करने की प्रवृत्ति अधिक दिखाई दे रही है।

सोशल मीडिया के प्रभाव ने बढ़ाई चिंता

मनोवैज्ञानिकों और सामाजिक विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से फैलने वाले वीडियो और चर्चाएं इस तरह की प्रवृत्तियों को बढ़ावा दे रही हैं। कई लोग केवल वायरल घटनाओं से जुड़ी लोकेशन पर जाकर तस्वीरें और वीडियो बनाना चाहते हैं, जिससे गंभीर घटनाओं के प्रति समाज का दृष्टिकोण प्रभावित हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी अपराध या त्रासदी से जुड़े स्थान को रोमांच या मनोरंजन के रूप में प्रस्तुत करना संवेदनशीलता में कमी का संकेत माना जा सकता है। इससे पीड़ित परिवारों की भावनाओं पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

इतिहास से ज्यादा अपराध की चर्चा बना चिंता का विषय

लोहागढ़ किला वर्षों से मराठा साम्राज्य की विरासत, प्राचीन स्थापत्य, प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक महत्व के लिए प्रसिद्ध रहा है। देशभर से पर्यटक यहां इतिहास को करीब से जानने और प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने पहुंचते रहे हैं।

लेकिन हालिया घटना के बाद किले की पहचान उसके ऐतिहासिक महत्व से हटकर अपराध से जुड़े घटनास्थल के रूप में चर्चा में आने लगी है। यही बदलाव इतिहास और विरासत संरक्षण से जुड़े लोगों के लिए चिंता का कारण बन रहा है।

विशेषज्ञ बोले- विरासत स्थलों की पहचान नहीं बदलनी चाहिए

सामाजिक विश्लेषकों का मानना है कि किसी भी ऐतिहासिक धरोहर की पहचान उसके सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व से होनी चाहिए, न कि किसी सनसनीखेज अपराध या विवाद से। उनके अनुसार पर्यटन का मूल उद्देश्य ज्ञान, संस्कृति और विरासत को समझना होना चाहिए।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ऐतिहासिक स्थलों को केवल चर्चित अपराधों या वायरल घटनाओं के कारण देखा जाने लगे, तो इससे उनकी मूल पहचान धूमिल हो सकती है। ऐसे में डार्क टूरिज्म के बढ़ते प्रभाव के बीच जिम्मेदार और संतुलित सामाजिक व्यवहार की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है।

 

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