भारत आम उत्पादन में दुनिया में शीर्ष पर, हर साल 2.5 करोड़ का प्रॉडक्शन, ये राज्‍य है ‘मैंगो किंग’

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नई दिल्ली : गर्मियों की शुरुआत के साथ ही बाजारों में आम (Mango) की रौनक बढ़ गई है। भारत (India) का राष्ट्रीय फल आम न सिर्फ स्वाद और मिठास के लिए जाना जाता है, बल्कि उत्पादन के मामले में भी देश दुनिया में शीर्ष पर है। वैश्विक स्तर पर होने वाले आम उत्पादन का लगभग 45 प्रतिशत अकेले भारत में होता है, यानी हर साल करीब 2.5 करोड़ टन आम का उत्पादन यहां किया जाता है।

देश में आम की 1,000 से ज्यादा किस्में पाई जाती हैं, जिनमें अल्फांसो, दशहरी, लंगड़ा और केसर जैसी लोकप्रिय किस्में शामिल हैं। भारत के बाद आम उत्पादन में इंडोनेशिया, चीन, मैक्सिको और पाकिस्तान का स्थान आता है। भारत की भौगोलिक विविधता और अनुकूल जलवायु आम की खेती के लिए बेहद उपयुक्त मानी जाती है। यही कारण है कि उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्र, दक्षिण के पठारी इलाके और पूर्वी राज्यों में बड़े पैमाने पर आम की खेती होती है।

देश के भीतर आम उत्पादन में सबसे आगे उत्तर प्रदेश है। यहां करीब 3.19 लाख हेक्टेयर भूमि पर आम की खेती होती है और सालाना लगभग 61 लाख टन उत्पादन दर्ज किया जाता है। देश के कुल आम उत्पादन में यूपी की हिस्सेदारी करीब 26 प्रतिशत है। सहारनपुर, लखनऊ, मुरादाबाद, मेरठ और मुजफ्फरनगर जैसे जिले आम उत्पादन के प्रमुख केंद्र माने जाते हैं।

उत्तर प्रदेश में दशहरी, लंगड़ा, चौसा और सफेदा जैसी प्रसिद्ध किस्में बड़े पैमाने पर उगाई जाती हैं। इनकी स्वाद, सुगंध और गुणवत्ता के कारण इनकी मांग भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी काफी अधिक है। इसके बाद आम उत्पादन में आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों का स्थान आता है।

आम की खेती न केवल लाखों किसानों की आजीविका का स्रोत है, बल्कि इससे देश को निर्यात के जरिए विदेशी मुद्रा भी प्राप्त होती है। सरकार की ओर से किसानों को सब्सिडी, प्रशिक्षण और बेहतर बाजार सुविधाएं भी दी जा रही हैं, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार हुआ है।