जंगल और खुले मैदान से ड्रोन-मिसाइल दाग रहे हूती लड़ाके, सऊदी की तेल सुविधा पर हमले का दावा; वीडियो जारी

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नई दिल्ली: यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब और यमन के रणनीतिक इलाकों में किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों से जुड़ा वीडियो जारी किया है। फुटेज में हूती लड़ाके खुले मैदानों और जंगल जैसे इलाकों से मिसाइल और ड्रोन लॉन्च करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में लॉन्चिंग का तरीका भी नजर आ रहा है, जिसमें प्रक्षेपास्त्रों को गुलेल की तरह निशाना साधकर छोड़ा जाता दिखाया गया है। यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है, जब हूतियों ने सऊदी अरब की एक महत्वपूर्ण तेल सुविधा और यमन के मोखा बंदरगाह को निशाना बनाने का दावा किया है।

जारी फुटेज में एक के बाद एक मिसाइल और ड्रोन को लॉन्च करते हुए दिखाया गया है। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी के मुताबिक, इन हमलों में सऊदी सैनिकों की मौजूदगी वाले इलाकों और हथियारों के भंडार को निशाना बनाया गया। हूतियों ने सऊदी अरब के जिजान में स्थित अरामको रिफाइनरी पर भी ड्रोन हमला करने का दावा किया है।

अरामको रिफाइनरी से जुड़ी सुविधा में लगी आग

हूती लड़ाकों की ओर से जारी दावे के बाद सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने रिफाइनरी से जुड़ी एक सुविधा में आग लगने की पुष्टि की। हालांकि, बाद में आग पर काबू पा लिया गया। अधिकारियों के अनुसार घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

हूतियों की ओर से जारी वीडियो में हमले के लिए इस्तेमाल किए गए मिसाइल और ड्रोन को खुले इलाकों से रवाना करते हुए दिखाया गया है। फुटेज को हूतियों ने अपने सैन्य अभियान के प्रमाण के तौर पर जारी किया है।

मोखा बंदरगाह भी बना हमले का निशाना

हूतियों ने यमन के मोखा बंदरगाह पर भी मिसाइल और ड्रोन हमले किए। यह बंदरगाह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमनी सरकार के नियंत्रण वाले इलाके में है और लाल सागर के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के नजदीक स्थित है।

यमनी सरकार से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, हमले में कम से कम 7 लोगों की मौत हुई। मृतकों में 4 सैनिक और 3 नागरिक शामिल हैं। इसके अलावा 30 नागरिकों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। हमले में बंदरगाह की इमारतों, पियर्स और वहां रखे सामान को भी नुकसान पहुंचा।

मानवरहित नाव के इस्तेमाल की भी कोशिश

हूतियों ने दावा किया कि उनका हमला सऊदी ड्रोन के यमन के हज्जाह और सादा प्रांतों में प्रवेश करने के जवाब में किया गया। यमनी सेना के अनुसार, हमले के दौरान मिसाइल और ड्रोन के अलावा विस्फोटकों से लदी एक मानवरहित नाव का इस्तेमाल करने की कोशिश भी की गई।

इस घटनाक्रम से क्षेत्र में समुद्री और सैन्य सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। खासकर लाल सागर के आसपास बढ़ती सैन्य गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों के लिए भी चुनौती बन सकती हैं।

2022 के बाद फिर बढ़ा क्षेत्रीय तनाव

इन हमलों ने यमन में 2022 के बाद बनी अपेक्षाकृत शांत स्थिति को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। मोखा बंदरगाह बाब-अल-मंदेब के करीब स्थित है, जिसे वैश्विक समुद्री व्यापार के महत्वपूर्ण मार्गों में गिना जाता है।

ऐसे में इस क्षेत्र में हिंसा बढ़ने का असर केवल यमन और सऊदी अरब तक सीमित रहने की आशंका नहीं है। लाल सागर के आसपास सैन्य तनाव बढ़ने से समुद्री जहाजों की आवाजाही, क्षेत्रीय व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा पर भी दबाव बढ़ सकता है।

 

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