Gold Price Today: सोने ने भरी 3 हफ्तों की सबसे बड़ी उड़ान, 4,151 डॉलर के पार पहुंचा भाव, चांदी भी चमकी

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नई दिल्ली: वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में जोरदार तेजी देखने को मिली है। कमजोर अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ा, जिससे सोने और चांदी दोनों की कीमतों में उछाल दर्ज किया गया। फेडरल रिजर्व की ओर से इस साल ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना कमजोर पड़ने का सीधा फायदा कीमती धातुओं को मिला है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना फिलहाल 4,150 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। पिछले कारोबारी सत्र में इसमें 2.3 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई थी, जो पिछले तीन सप्ताह की सबसे बड़ी बढ़त मानी जा रही है।

स्पॉट गोल्ड 4,151 डॉलर के पार, चांदी में भी मजबूत तेजी

सिंगापुर में स्पॉट गोल्ड 0.7 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,151.48 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया। वहीं चांदी की कीमत में भी मजबूती बनी रही और यह 1 प्रतिशत बढ़कर 61.50 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती नजर आई। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में चांदी करीब 5 प्रतिशत तक मजबूत हो चुकी है।

इस दौरान ब्लूमबर्ग डॉलर स्पॉट इंडेक्स में पिछले सत्र की 0.5 प्रतिशत गिरावट के बाद हल्की रिकवरी दर्ज की गई।

घरेलू बाजार में मिला-जुला कारोबार

भारतीय वायदा बाजार एमसीएक्स में गुरुवार रात 11:30 बजे सोना मामूली गिरावट के साथ 1,45,723 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं चांदी भी हल्की कमजोरी के साथ 2,33,200 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।

सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव 1,43,003 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जबकि चांदी की कीमत 2,28,850 रुपये प्रति किलोग्राम रही।

अमेरिकी रोजगार आंकड़ों ने बदला बाजार का रुख

गुरुवार को जारी अमेरिकी रोजगार आंकड़ों में जून के दौरान नौकरियों की वृद्धि की रफ्तार में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। इससे यह संकेत मिला कि अमेरिकी श्रम बाजार पर अभी भी दबाव बना हुआ है।

इन आंकड़ों के बाद जुलाई में होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दर बढ़ाने की संभावना और कम हो गई है। पहले जहां इसकी संभावना करीब 33 प्रतिशत मानी जा रही थी, वहीं अब यह घटकर लगभग 18 प्रतिशत रह गई है।

तेल की कीमतों में नरमी से भी मिला समर्थन

हाल के दिनों में ऊर्जा बाजार में भी राहत देखने को मिली है। होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की आवाजाही बढ़ने और अमेरिका-ईरान वार्ता से जुड़े सकारात्मक संकेतों के बाद कच्चे तेल की कीमतें युद्ध-पूर्व स्तर के करीब पहुंच गई हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा कीमतों में नरमी और रोजगार वृद्धि की धीमी रफ्तार से महंगाई का दबाव कम हो सकता है, जिससे सोने की कीमतों को आगे भी समर्थन मिलने की संभावना बनी हुई है।

विशेषज्ञों ने बताया आगे का अनुमान

टी.डी. सिक्योरिटीज के कमोडिटी रणनीति प्रमुख बार्ट मेलेक के अनुसार, फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दर बढ़ाने की उम्मीद कमजोर पड़ने के बाद ट्रेडर्स ने अपनी शॉर्ट पोजिशन कवर की, जिससे सोने की कीमतों में तेजी को मजबूती मिली।

हालांकि उनका कहना है कि निकट भविष्य में 4,280 डॉलर प्रति औंस का स्तर सोने के लिए मजबूत रुकावट साबित हो सकता है। उन्होंने यह भी माना कि मौजूदा परिस्थितियों में अगले वर्ष तक सोने के 5,300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना फिलहाल कम दिखाई देती है।

 

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