Gold Price: सोने में लगातार चौथे दिन गिरावट, एमसीएक्स पर ₹1.50 लाख के करीब पहुंचा भाव; क्या अभी और टूटेगा?

gold_A_89_3

इंदौर: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई है। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमत करीब 96 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है। इस वजह से दुनियाभर के शेयर बाजारों में बिकवाली का दबाव है। ऐसे माहौल में आमतौर पर सोने को सुरक्षित निवेश का विकल्प माना जाता है, लेकिन इस बार सोने और चांदी दोनों की कीमतों में कमजोरी देखने को मिल रही है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना गिरकर 4,300 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया है। घरेलू वायदा बाजार में भी सोने का भाव 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास आ गया। वहीं, चांदी में 2,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

आज कितना सस्ता हुआ सोना-चांदी?

वायदा बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, 2 सितंबर 2026 को सुबह 10:58 बजे सोने का अक्टूबर वायदा 1,434 रुपये यानी 0.95 फीसदी की गिरावट के साथ 1,50,295 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। इस दौरान सोने का दिन का निचला स्तर 1,49,665 रुपये और ऊपरी स्तर 1,50,329 रुपये रहा। पिछले कारोबारी सत्र में इसका बंद भाव 1,51,729 रुपये था।

चांदी का सितंबर वायदा भी 2,335 रुपये यानी 1.02 फीसदी टूटकर 2,27,214 रुपये प्रति किलो पर आ गया। चांदी का दिन का निचला स्तर 2,25,666 रुपये और ऊपरी स्तर 2,27,646 रुपये रहा, जबकि पिछला बंद भाव 2,29,549 रुपये प्रति किलो था।

अमेरिका-ईरान तनाव के बावजूद क्यों गिर रहा सोना?

केडिया कमोडिटीज के अजय केडिया के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुधवार को सोने की कीमत गिरकर 4,300 डॉलर प्रति औंस के करीब आ गई। यह लगातार चौथा कारोबारी सत्र है, जब सोने में गिरावट दर्ज की गई है। इस गिरावट के साथ सोना तीन सप्ताह से अधिक समय के निचले स्तर पर पहुंच गया है।

अजय केडिया के अनुसार, बाजार इस महीने अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दर बढ़ाए जाने की करीब 70 फीसदी संभावना मान रहा है। फेड चेयरमैन केविन वॉर्श की महंगाई के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात से भी ब्याज दर बढ़ने की आशंका को बल मिला है।

सोने से निवेशकों को किसी तरह का ब्याज नहीं मिलता। ऐसे में जब सरकारी बॉन्ड की प्रतिफल दर बढ़ती है तो सुरक्षित बॉन्ड से मिलने वाला रिटर्न बेहतर हो जाता है। इससे निवेशकों के लिए सोने का आकर्षण कुछ कम हो सकता है।

डॉलर की मजबूती और बॉन्ड प्रतिफल ने बढ़ाया दबाव

निर्मल बंग सिक्योरिटीज की दैनिक जिंस रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी और डॉलर की मजबूती ने सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ाया है। पिछले कारोबारी सत्र में डॉलर सूचकांक 0.25 फीसदी बढ़कर 99.68 पर बंद हुआ।

वहीं, कॉमेक्स पर दिसंबर वायदा सोना 85.10 डॉलर की गिरावट के साथ 4,396.40 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। चांदी का दिसंबर वायदा भी पिछले सत्र में 2.42 फीसदी गिरकर 65.37 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ।

घरेलू बाजार में एमसीएक्स सोने का अक्टूबर वायदा पिछले कारोबारी सत्र में 2,731 रुपये यानी 1.80 फीसदी की गिरावट के साथ 1,51,729 रुपये पर बंद हुआ था। वहीं, चांदी का दिसंबर वायदा 4,680 रुपये यानी 1.99 फीसदी टूटकर 2,35,441 रुपये प्रति किलो पर बंद हुआ।

क्या बड़े निवेशक सोने से पैसा निकाल रहे हैं?

निर्मल बंग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कारोबारी सत्र में एक्सचेंज ट्रेडेड फंड ने अपनी सोने की हिस्सेदारी में 1,38,840 ट्रॉय औंस की कमी की। पिछले सत्र के भाव के आधार पर इसकी कीमत करीब 61.61 करोड़ डॉलर थी। हालांकि, दुनिया के सबसे बड़े गोल्ड ईटीएफ एसपीडीआर गोल्ड शेयर की हिस्सेदारी में पिछले कारोबारी सत्र के दौरान कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ।

क्या आगे और गिर सकता है सोना-चांदी?

निर्मल बंग सिक्योरिटीज का अनुमान है कि घरेलू बाजार में सोना और चांदी दिन के दौरान सीमित दायरे में कारोबार करते हुए थोड़ी और कमजोरी दिखा सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया में हमलों में बढ़ोतरी और महंगाई की चिंता के कारण ब्याज दर बढ़ने की उम्मीद मजबूत हुई है। इसके चलते बॉन्ड प्रतिफल में भी बढ़ोतरी हुई है। विश्लेषकों के मुताबिक, जब तक बॉन्ड प्रतिफल और डॉलर में नरमी नहीं आती, तब तक सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।

 

----------------------------------------------------------------------------------------------

एक नज़र