IPO Listing पर ही धराशायी हुआ Annu Projects का शेयर! 99 रुपये का भाव, 72 पर लिस्टिंग से निवेशकों को 27% का झटका

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मुंबई: अन्नू प्रोजेक्ट्स के शेयरों की शेयर बाजार में शुरुआत बेहद कमजोर रही है। कंपनी के शेयर बुधवार को एनएसई पर 27 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ 72 रुपये के भाव पर सूचीबद्ध हुए। वहीं, बीएसई पर शेयर 75 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ। आईपीओ के दौरान अन्नू प्रोजेक्ट्स के एक शेयर का मूल्य 99 रुपये तय किया गया था। इस तरह बाजार में एंट्री के साथ ही निवेशकों को बड़ा झटका लगा।

कमजोर शुरुआत के बाद शेयर में आई तेजी

बाजार में कमजोर शुरुआत के बाद अन्नू प्रोजेक्ट्स के शेयरों में कुछ सुधार देखने को मिला। एनएसई पर डिस्काउंट लिस्टिंग के बाद शेयर करीब 5 फीसदी चढ़कर 75.60 रुपये तक पहुंच गया। वहीं, बीएसई पर कंपनी के शेयर में 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई और भाव 76.80 रुपये तक पहुंच गया।

अन्नू प्रोजेक्ट्स का आईपीओ 25 अगस्त 2026 को खुला था और निवेशकों के लिए 28 अगस्त तक बोली लगाने का मौका था। कंपनी ने आईपीओ के जरिए कुल 175 करोड़ रुपये तक जुटाने का लक्ष्य रखा था।

2.93 गुना सब्सक्राइब हुआ था आईपीओ

अन्नू प्रोजेक्ट्स के आईपीओ को कुल 2.93 गुना अभिदान मिला था। खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित हिस्सा 2.68 गुना सब्सक्राइब हुआ। गैर-संस्थागत निवेशकों की श्रेणी में 3.55 गुना और योग्य संस्थागत खरीदारों की श्रेणी में 1.72 गुना बोली मिली।

आईपीओ में खुदरा निवेशक कम से कम एक और अधिकतम 13 लॉट के लिए आवेदन कर सकते थे। एक लॉट में 151 शेयर रखे गए थे। इस हिसाब से एक लॉट के लिए खुदरा निवेशकों को 14,949 रुपये लगाने पड़े थे।

क्या काम करती है अन्नू प्रोजेक्ट्स?

अन्नू प्रोजेक्ट्स एक इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण कंपनी है। कंपनी दूरसंचार बुनियादी ढांचे, सीवरेज बुनियादी ढांचे और गैस पाइपलाइन से जुड़े क्षेत्रों में जरूरी भूमिगत और ओवरहेड उपयोगिता ढांचे के डिजाइन, विकास, क्रियान्वयन, संचालन और रखरखाव का काम करती है।

30 जून 2026 तक कंपनी के पास 23 मौजूदा परियोजनाएं थीं। इनमें 4 दूरसंचार बुनियादी ढांचा परियोजनाएं, 14 सीवरेज परियोजनाएं, 4 गैस पाइपलाइन परियोजनाएं और 1 रेलवे सिग्नलिंग परियोजना शामिल थी।

IPO से जुटाई रकम का क्या होगा इस्तेमाल?

कंपनी आईपीओ से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल मशीनरी और उपकरण खरीदने से जुड़े पूंजीगत खर्च को पूरा करने के लिए करेगी। इसके अलावा कंपनी की कार्यशील पूंजी से जुड़ी जरूरतों और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों में भी इस राशि का इस्तेमाल किया जाएगा।

 

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