त्योहारों में नहीं होगी बिजली की किल्लत! यूपी में 15 सितंबर से शुरू होगा अनुरक्षण माह, जर्जर तार और खराब उपकरण होंगे दुरुस्त
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में नवरात्र, दशहरा और दीपावली के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन की ओर से 15 सितंबर से 14 अक्टूबर 2026 तक अनुरक्षण माह चलाया जाएगा। इस दौरान आंधी-बारिश के कारण बिजली वितरण व्यवस्था में आई कमियों को दूर करने के साथ जर्जर तार, क्षतिग्रस्त उपकरण और अन्य तकनीकी खामियों को दुरुस्त किया जाएगा।
उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने सभी वितरण निगमों के प्रबंध निदेशकों को इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी और बारिश के मौसम में अधिक तापमान, बढ़े विद्युत भार, बारिश, आंधी-तूफान समेत कई कारणों से वितरण तंत्र के उपकरणों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा। इसके चलते कई स्थानों पर वितरण परिवर्तक, फीडर, 33 केवी और 11 केवी लाइन, निम्नदाब लाइन सहित अन्य उपकरण प्रभावित हुए और बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति बनी।
15 सितंबर से 14 अक्टूबर तक चलेगा अनुरक्षण माह
आगामी पर्वों के दौरान उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के लिए 15 सितंबर से 14 अक्टूबर तक अनुरक्षण माह चलाने का फैसला किया गया है। इस अवधि में गर्मी और वर्षा ऋतु के दौरान वितरण तंत्र में आई कमियों को दूर किया जाएगा। साथ ही बार-बार होने वाली खराबियों और फीडर ट्रिपिंग की समस्या को खत्म करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
जर्जर तार और खराब उपकरण बदले जाएंगे
अनुरक्षण अभियान के दौरान सभी 33/11 केवी उपकेंद्रों, शक्ति परिवर्तकों और वितरण परिवर्तकों की गहन जांच की जाएगी। इनकी साफ-सफाई और मरम्मत का काम भी कराया जाएगा। जिन क्षेत्रों में बार-बार खराबी सामने आ रही है, वहां समस्या के मूल कारण की पहचान कर उसका स्थायी समाधान किया जाएगा।
जर्जर तारों, ढीले संयोजनों और क्षतिग्रस्त उपकरणों को बदला जाएगा। प्रत्येक परिवर्तक पर उसकी क्षमता के अनुरूप निर्धारित मानक के सुरक्षा तार लगाए जाएंगे। अस्थायी या जुगाड़ के जरिए लगाए गए तारों को हटाया जाएगा, ताकि व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाया जा सके।
बिजली लाइनों के आसपास पेड़ों की डालियों की होगी सघन छंटाई
बिजली लाइनों के आसपास मौजूद पेड़ों की डालियों की युद्धस्तर पर छंटाई कराई जाएगी। अक्सर आंधी के दौरान ये डालियां बिजली की लाइनों से टकराकर आपूर्ति बाधित करती हैं। इसके अलावा पोषकों के मापक यंत्रों की भी जांच की जाएगी, जिससे बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता का सही आकलन किया जा सके।
यूपीपीसीएल अध्यक्ष ने निर्देश दिया है कि सभी खंड 10 सितंबर तक अपने-अपने क्षेत्र की कार्ययोजना तैयार कर लें। जरूरी सामग्री की व्यवस्था भी पहले से सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि अनुरक्षण कार्य के दौरान किसी तरह की रुकावट न आए।
त्योहारों में बिजली कटौती से बचने के निर्देश
त्योहारों के दौरान बिजली बंद करने से बचने के निर्देश दिए गए हैं। जहां बिजली बंद करना आवश्यक होगा, वहां शटडाउन इस तरह नियोजित किया जाएगा कि उपभोक्ताओं को कम से कम परेशानी हो। अभियान का उद्देश्य बिजली आपूर्ति में बार-बार आने वाली बाधाओं को कम करना और पर्वों से पहले पूरे वितरण तंत्र को तैयार करना है।
अचानक उपकेंद्रों का निरीक्षण करेंगे वरिष्ठ अधिकारी
अनुरक्षण अभियान की निगरानी के लिए प्रबंध निदेशकों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को क्षेत्र में जाकर उपकेंद्रों का अचानक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन उपकेंद्रों का निरीक्षण किया जाना है, उनकी सूची पहले से जारी नहीं की जाएगी, ताकि मौके पर व्यवस्था की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
अनुरक्षण कार्यों का सत्यापन 21 से 27 अक्टूबर के बीच निगम और मुख्यालय स्तर से कराया जाएगा। यूपीपीसीएल अध्यक्ष ने अधिकारियों और कर्मचारियों से अभियान को पूरी निष्ठा और मेहनत के साथ सफल बनाने का आह्वान किया है।





