26 साल बाद भी कायम है लारा दत्ता का ‘मिस यूनिवर्स’ रिकॉर्ड, फाइनल में मिला ऐसा स्कोर जिसे आज तक कोई नहीं तोड़ पाया

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भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर गौरवान्वित करने वाली लारा दत्ता आज भी अपनी ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए याद की जाती हैं। 1994 में सुष्मिता सेन के बाद साल 2000 में लारा दत्ता ने मिस यूनिवर्स का खिताब जीतकर देश का नाम रोशन किया था। उस समय लारा की उम्र महज 22 साल थी। बाद में उन्होंने 23 वर्ष की उम्र में फिल्मी दुनिया में कदम रखा और साल 2003 में फिल्म ‘अंदाज’ से अपने करियर की शुरुआत की, जिसमें अक्षय कुमार उनके साथ लीड रोल में नजर आए। 16 अप्रैल को लारा दत्ता अपना 46वां जन्मदिन मना रही हैं और इस मौके पर उनकी उस उपलब्धि की चर्चा फिर तेज हो गई है, जो आज तक अटूट है।

फाइनल राउंड में बनाया ऐसा रिकॉर्ड जो आज तक अजेय

लारा दत्ता ने मिस यूनिवर्स 2000 प्रतियोगिता में न सिर्फ खिताब जीता, बल्कि एक ऐसा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया जो 2026 तक कायम है। फाइनल राउंड में उन्होंने 9.954 का स्कोर हासिल किया, जो अब तक का सबसे अधिक स्कोर माना जाता है। इसके अलावा स्विमसूट राउंड में भी उन्होंने 9.99 अंक हासिल किए थे, जो उस समय का सर्वोच्च स्कोर था। यही वजह है कि लारा की जीत को सिर्फ खिताब नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक प्रदर्शन के रूप में देखा जाता है।

गाजियाबाद से इंटरनेशनल मंच तक का सफर

लारा दत्ता का जन्म 16 अप्रैल 1978 को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हुआ था। शुरुआती पढ़ाई बेंगलुरु में पूरी करने के बाद उन्होंने मुंबई का रुख किया। यहां उन्होंने कॉलेज के साथ-साथ मॉडलिंग में भी हाथ आजमाया। इसी दौरान उन्होंने ग्लैड्रेक्स प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और जीत हासिल की। इस सफलता ने उनके आत्मविश्वास को नई दिशा दी और फिर उन्होंने मिस यूनिवर्स 2000 में भाग लेकर इतिहास रच दिया। फाइनल में उनके साथ वेनेजुएला की क्लाउडिया मोरेनो और स्पेन की हेलेन लिंडेस भी शामिल थीं।

इस जवाब ने दिलाया मिस यूनिवर्स का ताज

फाइनल राउंड में लारा दत्ता से एक महत्वपूर्ण सवाल पूछा गया था, जिसमें प्रतियोगिता के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन पर उनकी राय जाननी चाही गई। सवाल था कि जो लोग इस प्रतियोगिता को महिलाओं के लिए अपमानजनक मानते हैं, उन्हें वह कैसे समझाएंगी। इस पर लारा ने जवाब दिया कि यह मंच महिलाओं को आगे बढ़ने, व्यापार, राजनीति और अन्य क्षेत्रों में अपनी आवाज रखने का अवसर देता है, जिससे वे सशक्त बनती हैं। उनका यह संतुलित और प्रभावशाली जवाब निर्णायकों को बेहद पसंद आया और उन्होंने मिस यूनिवर्स 2000 का ताज अपने नाम कर लिया। उस समय साइप्रस में इस प्रतियोगिता को लेकर विरोध प्रदर्शन भी हो रहे थे, जिसे महिलाओं के प्रति अपमानजनक बताया जा रहा था।


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