बलोच नेता ने किया आजादी का ऐलान! बोले- बलूचिस्तान अब स्वतंत्र देश, दुनिया से ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ को मान्यता देने की अपील

00000000-10

बलूचिस्तान: बलूचिस्तान के एक अलगाववादी नेता ने सोमवार को क्षेत्र की स्वतंत्रता का दावा करते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इसे ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ के रूप में मान्यता देने की अपील की है। एक्स पर साझा की गई एक पोस्ट में बलोच नेता मीर यार बलोच ने दावा किया कि बलूचिस्तान अब एक स्वतंत्र देश है। उन्होंने दूसरे देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों से क्षेत्र को पाकिस्तान के प्रांत के तौर पर संबोधित नहीं करने की अपील की।

बयान में बलूचिस्तान के लोगों के लिए लगातार नैतिक समर्थन की अपील की गई है। हालांकि, इन दावों को पाकिस्तान या अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से मान्यता नहीं मिली है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बलूचिस्तान को पाकिस्तान के एक प्रांत के रूप में ही मान्यता प्राप्त है। प्रस्तुत दावे के मुताबिक, पिछले महीने एक विद्रोही समूह ने क्षेत्र के अधिकांश हिस्से पर नियंत्रण हासिल करने और स्वतंत्रता की घोषणा करने का दावा किया था।

भारतीय मीडिया को धन्यवाद देने का दावा

‘बलूचिस्तान गणराज्य की स्वतंत्रता संदेश’ नाम से जारी बयान में समूह ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया संगठनों, खास तौर पर भारत में मौजूद मीडिया संस्थानों के साथ उन शोधकर्ताओं और थिंक टैंकों का धन्यवाद किया, जिन्होंने बलूचिस्तान के मुद्दे को वैश्विक स्तर पर उठाया।

समूह ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बलूचिस्तान के लोगों को लगातार नैतिक समर्थन देने और क्षेत्र की स्वतंत्रता को मान्यता देने की अपील की। बयान में दुनिया के देशों से आग्रह किया गया कि वे बलूचिस्तान को पाकिस्तान का प्रांत बताने के बजाय इसे स्वतंत्र देश के रूप में संदर्भित करें।

विदेश नीति से लेकर मुद्रा और पासपोर्ट तक की तैयारी का दावा

समूह की ओर से दावा किया गया है कि कथित ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ विदेशी नीति, रक्षा, आर्थिक मामलों, राजनीति और कूटनीति से जुड़ी जिम्मेदारियां संभालने की तैयारी कर रहा है।

बयान में कहा गया है कि पासपोर्ट, मुद्रा, मीडिया संगठनों, व्यापार और वाणिज्यिक संस्थानों तथा राजनयिक मिशनों की पहचान से जुड़ी तैयारियां चल रही हैं। इसके साथ ही बलूच राजनीतिक नेतृत्व की अलग-अलग धाराओं को एकजुट करने के प्रयास जारी रहने का भी दावा किया गया है।

11 अगस्त को स्वतंत्रता घोषित करने का ऐतिहासिक दावा

मीर यार बलोच ने स्वतंत्रता के दावे को ब्रिटिश शासन के अंत के दौर की घटनाओं से जोड़ते हुए कहा कि बलूचिस्तान ने 11 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता की घोषणा की थी। यह दावा ब्रिटिश भारत के विभाजन से पहले की अवधि से जुड़ा है।

समूह का कहना है कि उसका मौजूदा अभियान केवल स्वतंत्रता की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि अब अंतरराष्ट्रीय मान्यता हासिल करना इसका प्रमुख लक्ष्य है। इसके लिए संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों के साथ आसियान, अफ्रीकी संघ, इस्लामिक सहयोग संगठन और यूरोपीय देशों से समर्थन की अपील की गई है।

बयान में बलूचिस्तान को प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध क्षेत्र बताते हुए यह दावा भी किया गया कि स्वतंत्र देश के रूप में वह वैश्विक स्वास्थ्य, शिक्षा और मानवीय पहलों में योगदान दे सकता है।

पाकिस्तान पर स्वतंत्रता दिवस समारोह रोकने का आरोप

बलोच समूह ने पाकिस्तान के अधिकारियों पर क्षेत्र में स्वतंत्रता दिवस के आयोजनों को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने का आरोप लगाया है। समूह का दावा है कि बलूचिस्तान के कुछ हिस्सों में मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद की गई थीं।

बयान में कालात, क्वेटा और खुजदार समेत कई क्षेत्रों में सैन्य ठिकानों और पुलिस स्टेशनों के आसपास खाइयां खोदे जाने का भी दावा किया गया है। इसके अलावा पाकिस्तानी सैन्य विमानों, ड्रोन और हेलीकॉप्टरों के जरिए पूरे क्षेत्र में निगरानी अभियान चलाए जाने की बात कही गई है।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी है। बलूचिस्तान की स्वतंत्रता का यह दावा फिलहाल एकतरफा है और इसे पाकिस्तान या अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से आधिकारिक मान्यता नहीं मिली है।

 

----------------------------------------------------------------------------------------------

एक नज़र