बस कंडक्टर रहते भी था रजनीकांत का जलवा! टिकट देने के अंदाज पर फिदा थे यात्री, संघर्ष के दिनों में भी कायम था ‘थलाइवा’ का स्वैग
नई दिल्ली: दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार रजनीकांत आज दुनिया भर में अपने खास अंदाज और जबरदस्त स्वैग के लिए पहचाने जाते हैं। फिल्मों में चश्मा पहनने से लेकर सिक्का उछालकर उसे शानदार अंदाज में पकड़ने तक, उनके कई स्टाइलिश अंदाज दर्शकों के बीच उनकी पहचान बन चुके हैं। लेकिन दिलचस्प बात यह है कि उनका यह अंदाज फिल्मी दुनिया में आने के बाद ही सामने नहीं आया था। अभिनय की दुनिया में कदम रखने से कई साल पहले जब रजनीकांत बस कंडक्टर के तौर पर काम करते थे, तब भी उनका अंदाज यात्रियों को खूब आकर्षित करता था। यही वजह बताई जाती है कि कई यात्री खास तौर पर उस बस में सफर करना पसंद करते थे, जिसमें रजनीकांत कंडक्टर हुआ करते थे।
टिकट देने का अंदाज बना चर्चा का विषय
रजनीकांत के संघर्ष के दिनों से जुड़ा यह किस्सा बताता है कि लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने की उनकी कला कितनी स्वाभाविक थी। बस में टिकट देने का उनका तरीका दूसरे कंडक्टरों से अलग बताया जाता है। वह टिकट को सीधे यात्री के हाथ में देने के बजाय उसे खास अंदाज में पलटकर यात्रियों तक पहुंचाते थे।
टिकट देने की यह छोटी सी प्रक्रिया भी उनके आत्मविश्वास और मनोरंजक व्यक्तित्व की झलक दिखाती थी। यात्रियों के लिए टिकट लेना रोजमर्रा की सामान्य प्रक्रिया थी, लेकिन रजनीकांत के अंदाज ने इसे भी यादगार बना दिया था।
सिक्के उछालने का अंदाज भी था खास
बताया जाता है कि यात्रियों को पैसे लौटाते समय भी रजनीकांत अपने खास अंदाज का इस्तेमाल करते थे। किसी यात्री से सिक्का लेना हो या खुले पैसे वापस करने हों, वह उन्हें सामान्य तरीके से देने के बजाय हवा में उछालकर अपने अंदाज में पकड़ते और फिर यात्री को सौंप देते थे।
धीरे-धीरे उनका यह अंदाज यात्रियों के बीच चर्चा का विषय बन गया। कहा जाता है कि कुछ लोग केवल उनका खास स्टाइल देखने के लिए भी उस बस में सफर करना पसंद करते थे।
बातचीत से भी यात्रियों का जीत लेते थे दिल
रजनीकांत का व्यवहार भी यात्रियों को काफी पसंद आता था। वह लोगों से मजेदार बातचीत करते और अपने जिंदादिल अंदाज से बस का माहौल खुशनुमा बनाए रखते थे। इस वजह से नियमित यात्रियों के बीच उनकी अलग पहचान बन गई थी।
उस दौर में शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि यात्रियों को अपने अंदाज से आकर्षित करने वाला यही बस कंडक्टर आगे चलकर भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में शामिल होगा।
बस से बड़े पर्दे तक पहुंचा रजनीकांत का सिग्नेचर स्टाइल
रजनीकांत के पुराने अंदाज और उनके फिल्मी करियर के बीच एक दिलचस्प समानता भी नजर आती है। फिल्मों में आने के बाद उनके कई स्टाइलिश मूव्स उनकी पहचान बन गए। सिक्का उछालने से लेकर किसी चीज को खास अंदाज में इस्तेमाल करने तक, उनकी सहज शैली बड़े पर्दे पर भी दर्शकों को खूब पसंद आई।
कहा जाता है कि बस कंडक्टर के दिनों में दिखाई देने वाले उनके कुछ अंदाज बाद में उनके फिल्मी व्यक्तित्व का हिस्सा बन गए। यही सहजता और आत्मविश्वास आगे चलकर उनके सिग्नेचर स्टाइल के रूप में पहचाना जाने लगा।
साधारण नौकरी से सुपरस्टार बनने तक का सफर
रजनीकांत की कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने एक सामान्य नौकरी से शुरुआत करके सिनेमा की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई। उनका सफर बताता है कि प्रतिभा और व्यक्तित्व कठिन परिस्थितियों में भी अपनी पहचान बना सकते हैं।
आज जिस स्वैग और खास अंदाज के लिए रजनीकांत को ‘थलाइवा’ कहा जाता है, उसकी झलक उनके संघर्ष के दिनों में भी दिखाई देती थी। यही वजह है कि उनके पुराने किस्से आज भी प्रशंसकों के बीच खास दिलचस्पी पैदा करते हैं।
जेलर 2 समेत आने वाले प्रोजेक्ट्स पर नजर
वर्कफ्रंट की बात करें तो रजनीकांत की आने वाली फिल्मों को लेकर प्रशंसकों में काफी उत्साह है। उनकी चर्चित फिल्म ‘जेलर 2’ के अलावा अन्य बड़े प्रोजेक्ट्स भी चर्चा में हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी रजनीकांत का स्टारडम कायम है और उनकी फिल्मों से दर्शकों को हमेशा की तरह जबरदस्त मनोरंजन की उम्मीद रहती है।





