UP में धार्मिक स्थलों पर प्रशासनिक कार्रवाई तेज: कहीं मस्जिद को नोटिस, कहीं मदरसे पर बुलडोजर, मजार का भी हुआ स्थानांतरण
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों से जुड़े कई मामलों को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां चर्चा का विषय बनी हुई हैं। वाराणसी, गाजियाबाद, आगरा और बहराइच में अलग-अलग परिस्थितियों में मस्जिद, मदरसे और मजार से जुड़े मामलों पर कार्रवाई या प्रशासनिक प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई है। हालांकि चारों मामलों की प्रकृति और कारण अलग-अलग बताए जा रहे हैं।
वाराणसी में रेलवे विस्तार परियोजना के तहत मस्जिद को नोटिस
वाराणसी में काशी रेलवे स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार के पास स्थित गंज शहीदा मस्जिद को रेलवे प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में संबंधित पक्षों से 20 जून तक परिसर खाली करने को कहा गया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह कार्रवाई काशी मॉडल रेलवे स्टेशन परियोजना के तहत की जा रही है। स्टेशन के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए रेलवे अपनी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया चला रहा है। अधिकारियों का कहना है कि प्रस्तावित निर्माण कार्यों के लिए भूमि की आवश्यकता को देखते हुए नोटिस जारी किया गया है।
कुछ दिन पहले भी हटाए गए थे ढांचे
गंज शहीदा मस्जिद का मामला ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में रेलवे स्टेशन परिसर के भीतर स्थित एक मजार और मस्जिद को हटाने की कार्रवाई की गई थी। रेलवे प्रशासन के अनुसार भूमि स्वामित्व विवाद में न्यायालय के आदेश और पुनर्विकास परियोजना के तहत किए गए सर्वेक्षण के बाद संबंधित कार्रवाई की गई थी।
गाजियाबाद में 30 साल पुराने मदरसे पर चला बुलडोजर
गाजियाबाद के कुशालिया गांव में प्रशासन ने एक मदरसे को ध्वस्त कर दिया। प्रशासन का दावा है कि मदरसा सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर संचालित किया जा रहा था। कार्रवाई से पहले कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई और सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
प्रशासन के मुताबिक यह मदरसा करीब 30 वर्षों से संचालित हो रहा था। जांच के दौरान संबंधित भूमि राजस्व अभिलेखों में सार्वजनिक रास्ता और खाद निस्तारण स्थल के रूप में दर्ज पाई गई। अधिकारियों का कहना है कि अभिलेखों के सत्यापन और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया के बाद ही ध्वस्तीकरण का निर्णय लिया गया।
आगरा में बातचीत से निकला समाधान
आगरा में मामला अपेक्षाकृत अलग रहा, जहां प्रशासन ने संवाद के माध्यम से समाधान निकाला। आगरा कॉलेज के पास व्यस्त एमजी रोड के बीच स्थित एक मजार को उसकी प्रबंधन समिति की सहमति से दूसरे स्थान पर स्थानांतरित किया गया।
प्रशासन का कहना है कि मजार सड़क के बीच स्थित होने के कारण यातायात प्रभावित हो रहा था और सुरक्षा संबंधी चुनौतियां भी सामने आ रही थीं। कई दौर की बातचीत के बाद दोनों पक्षों की सहमति से मजार को वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित किया गया। पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।
बहराइच में फिलहाल टली कार्रवाई
बहराइच में बहराइच-नेपाल राजमार्ग के किनारे स्थित एक मस्जिद को लेकर कार्रवाई की चर्चाएं जरूर तेज हुईं, लेकिन प्रशासन ने फिलहाल किसी भी कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
मामला उस समय चर्चा में आया जब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से जुड़ा एक पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पत्र में कथित अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिस बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। इसके बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बिना पूरी कानूनी प्रक्रिया अपनाए कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
जमीन की पैमाइश और दस्तावेजों की जांच के बाद होगा फैसला
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पहले संबंधित पक्षों को नोटिस दिया जाए, भूमि की पैमाइश कराई जाए और सभी दस्तावेजों का सत्यापन किया जाए। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील भी की है।
अलग-अलग कारणों से हुईं प्रशासनिक कार्रवाइयां
चारों मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई के पीछे अलग-अलग कारण बताए गए हैं। वाराणसी में रेलवे विस्तार परियोजना, गाजियाबाद में सरकारी भूमि से जुड़ा विवाद, आगरा में यातायात और सुरक्षा संबंधी मुद्दे तथा बहराइच में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने की प्रतीक्षा प्रमुख कारणों के रूप में सामने आए हैं।



