भारत-मंगोलिया दोस्ती की बड़ी मिसाल: विदेश मंत्री जयशंकर ने 1.7 अरब डॉलर की रिफाइनरी परियोजना का लिया जायजा

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उलानबाटर: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने मंगोलिया में भारत के सहयोग से विकसित की जा रही 1.7 अरब डॉलर की बहुप्रतीक्षित तेल रिफाइनरी परियोजना के निर्माण स्थल का दौरा कर कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उनके साथ मंगोलिया की विदेश मंत्री बैटसेटसेग बैटमुंख और उद्योग एवं खनन मंत्री गोंगोर डमडिनन्याम भी मौजूद रहे। परियोजना को भारत-मंगोलिया रणनीतिक साझेदारी का महत्वपूर्ण प्रतीक माना जा रहा है।

जयशंकर ने परियोजना स्थल पर कार्यरत भारतीय और मंगोलियाई टीमों से बातचीत की और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए उनकी प्रतिबद्धता और मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत और मंगोलिया की मित्रता को नई ऊंचाई देने वाली यह परियोजना लगातार आगे बढ़ रही है और इसका काम संतोषजनक गति से चल रहा है।

भारत की वित्तीय मदद से तैयार हो रही परियोजना

विदेश मंत्रालय के अनुसार, मंगोल तेल रिफाइनरी परियोजना भारत द्वारा उपलब्ध कराई गई 1.7 अरब डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट के माध्यम से विकसित की जा रही है। यह परियोजना मंगोलिया की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है।

गंदन मठ पहुंचकर सांस्कृतिक रिश्तों को दिया महत्व

मंगोलिया दौरे के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने ऐतिहासिक गंदन मठ का भी दौरा किया। यहां उन्होंने प्रमुख भिक्षु खंबा नोमुन खान गेशे लहारम्पा डी जावजानदोरज से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने भारत और मंगोलिया के बीच सदियों पुराने सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को मजबूत बनाने में मठ की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

उच्चस्तरीय बैठकों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा

दौरे के दौरान जयशंकर ने मंगोलिया की संसद स्टेट ग्रेट खुराल के स्पीकर सैंडाग ब्याम्बत्सोत समेत कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। दोनों देशों के बीच संसदीय आदान-प्रदान, विकास साझेदारी और लोगों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।

रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने की कोशिश

विदेश मंत्री ने मंगोलिया के शिक्षा मंत्री एल. एन्ख-अमगलान और पूर्व राष्ट्रपति एन. एन्खबयार से भी मुलाकात की। इसके अलावा उन्होंने राष्ट्रपति खुरेलसुख उखना के साथ भी द्विपक्षीय संबंधों और भविष्य के सहयोग को लेकर विचार-विमर्श किया। माना जा रहा है कि यह दौरा भारत और मंगोलिया के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूती प्रदान करेगा।

 

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