9 जून को पीएम मोदी रच सकते हैं इतिहास, लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में टूट सकता है नेहरू का रिकॉर्ड

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नई दिल्ली: केंद्र में मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 5 जून से 21 जून तक देशभर में विशेष जनसंपर्क और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विश्व पर्यावरण दिवस से लेकर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस तक चलने वाले इस 17 दिवसीय अभियान के जरिए सरकार अपनी उपलब्धियों, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने की तैयारी में जुटी है। इसी बीच 9 जून 2026 की एक तारीख राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में नया अध्याय जोड़ सकती है।

9 जून की तारीख क्यों है खास?

9 जून 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में एक ऐसा कीर्तिमान स्थापित कर सकते हैं, जो अब तक देश के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम दर्ज है। नेहरू ने पहले आम चुनाव के बाद 14 मई 1952 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और 27 मई 1964 तक लगातार इस पद पर बने रहे थे। इस प्रकार उनका निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल 12 वर्ष और 14 दिन का रहा था। इससे पहले 1947 से 1952 तक वह मनोनीत प्रधानमंत्री के रूप में कार्यरत थे। ऐसे में 9 जून 2026 को नरेंद्र मोदी लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर नेहरू के इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकते हैं।

मोदी के नाम दर्ज हो सकता है नया रिकॉर्ड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद उन्होंने 30 मई 2019 को दूसरी बार और 9 जून 2024 को तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। इसी क्रम में 9 जून 2026 को उनका लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल 12 वर्ष और 15 दिन का हो जाएगा। इसके साथ ही वह लोकतांत्रिक चुनावों के जरिए लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बन सकते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि 9 जून 2024 को ही नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी और ठीक दो वर्ष बाद उसी तारीख को उनके नाम यह ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हो सकती है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यह दिन भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के लिए प्रतीकात्मक और राजनीतिक दोनों ही दृष्टियों से विशेष महत्व रखता है।

विशेष कार्यक्रमों की तैयारी में बीजेपी

सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी इस अवसर को विशेष रूप से चिह्नित करने की तैयारी में हैं। हालांकि अभी तक किसी आधिकारिक कार्यक्रम की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन पार्टी और सरकार के स्तर पर इस दिन को लेकर संभावित आयोजनों की चर्चा तेज है।

इसी दौरान केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी राजनीतिक हलकों में अटकलें लगाई जा रही हैं। ऐसे में मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के कार्यक्रमों के बीच 9 जून 2026 केवल एक तारीख नहीं, बल्कि भारतीय राजनीति और लोकतांत्रिक इतिहास में एक संभावित रिकॉर्ड दिवस के रूप में देखा जा रहा है। एक ओर सरकार अपनी उपलब्धियों का लेखा-जोखा जनता के सामने रखेगी, वहीं दूसरी ओर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में नया कीर्तिमान स्थापित कर सकते हैं।