IIT कानपुर और HCLTech मिलकर बढ़ाएंगे डीप टेक इनोवेशन
भारत में डीप टेक इनोवेशन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए एचसीएलटेक और आईआईटी कानपुर ने रणनीतिक साझेदारी की घोषणा की है। इस सहयोग का उद्देश्य ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के लिए उन्नत तकनीकी समाधान विकसित करना और रिसर्च को इंडस्ट्री से जोड़ना है।
इस पहल के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, ऑटोमेशन और अन्य उभरती तकनीकों पर संयुक्त शोध किया जाएगा। इसका मकसद नई तकनीकों को प्रयोगशाला से निकालकर वास्तविक उद्योग जरूरतों के अनुसार तैयार करना है।
रिसर्च और इंडस्ट्री के बीच मजबूत कड़ी
इस सहयोग से छात्रों, शोधकर्ताओं और टेक विशेषज्ञों को एक साझा मंच मिलेगा, जहां वे इनोवेशन आधारित प्रोजेक्ट्स पर काम कर सकेंगे। एचसीएलटेक की इंडस्ट्री विशेषज्ञता और IIT कानपुर की अकादमिक क्षमता मिलकर ऐसे समाधान विकसित करेगी जो वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी हों।
GCCs को मिलेगा फायदा
ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स आज दुनिया भर की कंपनियों के लिए इनोवेशन और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट के बड़े केंद्र बन चुके हैं। यह साझेदारी GCCs के लिए अगली पीढ़ी की तकनीक विकसित करने पर फोकस करेगी, जिससे भारत की टेक्नोलॉजी क्षमता और मजबूत होगी।
नवाचार और स्किल डेवलपमेंट पर जोर
इस पहल से न केवल नई तकनीकों पर शोध को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवाओं और छात्रों के लिए स्किल डेवलपमेंट और इंडस्ट्री एक्सपोजर के नए अवसर भी बनेंगे। इससे भविष्य के टेक लीडर्स तैयार करने में मदद मिलेगी।
कुल मिलाकर, HCLTech और IIT कानपुर की यह साझेदारी भारत के डीप टेक इकोसिस्टम को गति देने, रिसर्च को व्यावहारिक समाधान में बदलने और वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा में भारत की स्थिति मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।



