एशियन पैरा गेम्स में भारत की दमदार शुरुआत, पहले ही दिन 4 गोल्ड समेत 11 पदक जीते
शूटिंग में मोना अग्रवाल का गोल्ड, अवनि लेखरा को सिल्वर
भारत के पदकों का खाता निशानेबाजी में खुला। महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल एसएच1 स्पर्धा के फाइनल में मोना अग्रवाल ने शानदार वापसी करते हुए स्वर्ण पदक जीता। वर्ष 2024 के पेरिस पैरालंपिक में कांस्य पदक जीत चुकीं मोना ने छठे स्थान से आगे बढ़ते हुए 250.0 अंक हासिल किए और एशियन पैरा गेम्स का रिकॉर्ड बनाया।
दो बार की पैरालंपिक चैंपियन अवनि लेखरा 249.6 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। दोनों भारतीय निशानेबाजों के बीच मुकाबला बेहद करीबी रहा और मोना ने महज 0.4 अंक के अंतर से स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
इस जीत के साथ भारत ने 2028 लॉस एंजिल्स पैरालंपिक के लिए दूसरा कोटा स्थान भी हासिल किया। मोना पिछले महीने दक्षिण कोरिया के चांगवोन में आयोजित विश्व शूटिंग पैरा स्पोर्ट चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर एक कोटा पहले ही हासिल कर चुकी थीं।
निषाद कुमार, सौम्या और रिंकू ने एथलेटिक्स में जीते स्वर्ण
पैरा एथलेटिक्स में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। दो बार के पैरालंपिक रजत पदक विजेता निषाद कुमार ने पुरुषों की लंबी कूद टी47 स्पर्धा में 7.11 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता। खास बात यह रही कि निषाद पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय लंबी कूद प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे थे। बचपन में घास काटने वाली मशीन से हुए हादसे में उनका दायां हाथ कट गया था, लेकिन उन्होंने मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर यह उपलब्धि हासिल की।
महिलाओं की 1500 मीटर टी12/टी13 स्पर्धा में दृष्टिबाधित धाविका सौम्या ने 5 मिनट 12.39 सेकंड का समय निकालकर अपना व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक जीता। भारत की वेंकटेश राधा ने 5 मिनट 30.90 सेकंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया।
पुरुषों की भाला फेंक एफ46 स्पर्धा में भी भारत का दबदबा रहा। रिंकू ने 65.11 मीटर का भाला फेंककर स्वर्ण पदक जीता, जबकि अजीत सिंह 65.02 मीटर के प्रयास के साथ दूसरे स्थान पर रहे। दोनों खिलाड़ियों ने इस प्रदर्शन के साथ अपने सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।
दृष्टिबाधित खिलाड़ियों की टी11 स्पर्धा में भारत की रवन्नी वलासनैनी को कांस्य पदक मिला। इस स्पर्धा में पहले तीसरे स्थान पर रहीं रक्षित्था राजू को तकनीकी नियमों के उल्लंघन के कारण अयोग्य घोषित कर दिया गया, जिसके बाद रवन्नी तीसरे स्थान पर पहुंच गईं।
जूडो में कोकिला ने जीता रजत, कपिल परमार को कांस्य
जूडो में भी भारत को दो पदक मिले। दृष्टिबाधित खिलाड़ी कोकिला ने महिलाओं के जे2-52 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता। हालांकि, फाइनल मुकाबले में उन्हें किर्गिस्तान की आइबिके उलानबेक क्यजी के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।
पुरुषों के जे1-70 किलोग्राम वर्ग में कपिल परमार ने कांस्य पदक अपने नाम किया। सेमीफाइनल में इंडोनेशिया के जुनेदी से 0-1 से हारने के बाद कपिल ने कांस्य पदक के मुकाबले में इंडोनेशिया के ही अहनफ रफली शिदकी को 1-0 से हराया।
तैराकी में रवि कार्तिक ने दिलाया रजत पदक
तैराकी में भारत के रवि कार्तिक बुडिगिना ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल एस13 स्पर्धा में रजत पदक जीता। उन्होंने यह दूरी 56.68 सेकंड में पूरी की। इस वर्ग में कम दृष्टिबाधित खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं।
टेबल टेनिस में तीन वर्गों में पदक पक्के
टेबल टेनिस में भारतीय खिलाड़ियों ने तीन वर्गों में पदक सुनिश्चित किए। पैरालंपिक रजत पदक विजेता भाविना पटेल ने चीन की झांग मियाओ को 3-1 से हराकर क्लास 4-5 के सेमीफाइनल में जगह बनाई।
सोनलबेन ने महिलाओं के क्लास 3 क्वार्टर फाइनल में थाईलैंड की दरारत असायुत को 3-1 से शिकस्त दी। वहीं, प्राची पांडे ने महिलाओं के क्लास 6 वर्ग में थाईलैंड की कानोकपॉर्न फाथुमचाई को 11-5, 11-4, 11-13, 12-10 से हराकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इस जीत के साथ भारत ने एशियन पैरा गेम्स के क्लास 6 वर्ग में अपना पहला पदक पक्का कर लिया।
बैडमिंटन में भारतीय जोड़ी सेमीफाइनल में पहुंची
बैडमिंटन में नितेश कुमार और थुलासिमथी मुरुगेसन की जोड़ी ने मिश्रित युगल एसएल3-एसयू5 वर्ग के ग्रुप बी में अपने सभी मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। भारतीय जोड़ी ने चीन के चेन पेंगफेई और हुआंग जुआन को 21-4, 21-18 से हराया। इस जीत के साथ भारत का एक और पदक सुनिश्चित हो गया।
पेरिस पैरालंपिक चैंपियन नितेश कुमार ने पुरुष एकल एसएल3 वर्ग में दक्षिण कोरिया के जू डोंगजे को 21-13, 21-15 से मात दी। वहीं, रुथिक रघुपति ने पुरुष एकल एसयू5 वर्ग में थाईलैंड के सोमसिरी प्रीचा को 21-12, 21-12 से हराकर अपनी जीत दर्ज की।





