सर क्रीक-सिंध सीमा पर पाकिस्तान की बढ़ी सैन्य तैयारी, विशेष होवरक्राफ्ट और ड्रोन से मजबूत कर रहा जलीय मोर्चा

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इस्लामाबाद: गुजरात से सटे सर क्रीक और सिंध के तटीय इलाकों में पाकिस्तान अपनी सैन्य तैयारियों को मजबूत कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने हाल के समय में इस क्षेत्र में जल और थल दोनों जगह काम करने वाली युद्धक क्षमताओं को बढ़ाया है। दलदली इलाकों में चलने वाले विशेष होवरक्राफ्ट की तैनाती, नए ड्रोन प्रोजेक्ट और तीनों सेनाओं के बड़े युद्धाभ्यास से संकेत मिलते हैं कि पाकिस्तान इस दुर्गम जलीय क्षेत्र को भारत के खिलाफ संभावित नए मोर्चे के तौर पर विकसित करने की तैयारी कर रहा है।

सर क्रीक के आसपास बढ़ाए गए सुरक्षा अभ्यास

पाकिस्तान ने सर क्रीक के आसपास के बैकवाटर इलाकों में कई तटीय सुरक्षा अभ्यास किए हैं। पिछले साल अगस्त में तुर्की की विशेष बल इकाइयों और फरवरी में सऊदी अरब की नौसेना के साथ कराची और सिंध तट पर नजदीकी युद्ध अभियानों का अभ्यास किया गया था। इसके अलावा पिछले साल जून और अगस्त में पोर्ट कासिम तथा कराची बंदरगाहों पर गैर-पारंपरिक खतरों से निपटने के लिए बंदरगाह सुरक्षा और हार्बर डिफेंस अभ्यास भी आयोजित किए गए।

पाकिस्तान की हालिया सैन्य तैयारियां

पाकिस्तान नौसेना ने इसी महीने उत्तरी अरब सागर में सी-स्पार्क युद्धाभ्यास शुरू किया है। इसमें युद्धपोत, पनडुब्बियां, विमान और मानवरहित ड्रोन प्रणालियां शामिल हैं। अभ्यास में पारंपरिक नौसैनिक युद्ध के साथ हवाई, जमीनी और साइबर समेत विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ सैन्य अभियान चलाने की क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। इस अभ्यास में पाकिस्तानी सेना और वायुसेना भी हिस्सा ले रही हैं।

होवरक्राफ्ट और ड्रोन को सैन्य अभ्यास से जोड़ा

पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर के बाद अक्तूबर में पाकिस्तान नौसेना प्रमुख एडमिरल नावेद अशरफ ने क्रीक क्षेत्र का दौरा किया था। इसी दौरान तीन नए 2400 टीडी होवरक्राफ्ट मरीन बेड़े में शामिल किए गए। इस साल जुलाई में पाकिस्तानी नौसेना ने अबाबील नाम से एम्फीबियस और ड्रोन एकीकरण प्रशिक्षण आयोजित किया। इसमें मरीन कमांडो, यूएवी और समुद्र से तट तक पहुंचने वाले अभियानों को एक साथ जोड़कर अभ्यास किया गया।

सर क्रीक को वैकल्पिक मोर्चे के रूप में विकसित करने की तैयारी

सर क्रीक इलाके में पाकिस्तान की बहुआयामी सैन्य तैयारियों के पीछे कई सामरिक कारण बताए जा रहे हैं। पारंपरिक तौर पर भारत-पाकिस्तान संघर्ष का प्रमुख केंद्र कश्मीर और पंजाब सीमा रही है। पाकिस्तान गुजरात के कच्छ और सर क्रीक क्षेत्र को वैकल्पिक या आक्रामक मोर्चे के तौर पर विकसित करने की कोशिश कर रहा है, ताकि भारतीय सेना के सामने एक से अधिक दिशाओं से चुनौती खड़ी की जा सके।

दलदली इलाके का फायदा उठाने की कोशिश

सर क्रीक का भौगोलिक क्षेत्र बेहद जटिल, दलदली और जलीय है। ऐसे इलाकों में भारी टैंक और पारंपरिक सैन्य वाहन आसानी से काम नहीं कर पाते। पाकिस्तान इन भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए तेजी से घुसपैठ या हमले की क्षमता को परख रहा है। गुजरात सीमा पर किसी सैन्य सफलता के संभावित मनोवैज्ञानिक प्रभाव को भी पाकिस्तान की रणनीति से जोड़ा जा रहा है।

भारत ने भी बढ़ाई अपनी तैयारी

पिछले साल मई में भारत-पाकिस्तान सैन्य टकराव के दौरान गुजरात मोर्चे पर पाकिस्तानी ड्रोन गतिविधियों को भारत ने नाकाम किया था। इसके बाद जून में भारतीय सेना, नौसेना और तटरक्षक बल ने इस क्षेत्र में बड़ा संयुक्त अभ्यास किया। इसमें दलदली इलाकों में स्पीड बोट, ड्रोन रोधी प्रणालियों और पानी के भीतर अभियानों की क्षमताओं का परीक्षण किया गया।

भारतीय विमानों के लिए पाकिस्तान का हवाई क्षेत्र 24 अक्टूबर तक बंद

पाकिस्तान ने बुधवार को भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र पर लगी रोक को एक महीने के लिए और बढ़ा दिया। पाकिस्तान के विमानपत्तन प्राधिकरण के मुताबिक, अब यह पाबंदी 24 अक्टूबर तक लागू रहेगी। यह रोक बुधवार सुबह 10:45 बजे से प्रभावी हुई और 24 अक्टूबर 2026 की सुबह 04:59 बजे तक जारी रहेगी। इससे पहले प्रतिबंध की समय-सीमा 24 सितंबर को समाप्त होनी थी।

 

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