भारतीय छात्रों को बड़ी राहत, ट्रंप के नए वीजा नियमों पर अमेरिकी अदालत ने लगाई रोक; चार साल की सीमा भी टली

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वॉशिंगटन: अमेरिका की एक संघीय अदालत ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के विदेशी छात्रों और पत्रकारों के लिए प्रस्तावित नए सख्त वीजा नियमों के लागू होने पर अंतरिम रोक लगा दी है। मैसाचुसेट्स जिला अदालत के सोमवार के फैसले से भारतीय छात्रों समेत अमेरिका में पढ़ाई कर रहे अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है। यह आदेश नए नियमों के लागू होने से ठीक एक दिन पहले आया। अदालत ने सरकार की उस दलील को स्वीकार नहीं किया कि यह नियम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी है और माना कि नई नीति से अमेरिकी अर्थव्यवस्था तथा उच्च शिक्षा व्यवस्था को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।

नए नियमों के तहत विदेशी छात्रों और ‘एक्सचेंज विजिटर वीजा’ पर अमेरिका आने वालों के लिए चार साल की समयसीमा तय की गई थी। वहीं, विदेशी पत्रकारों के अमेरिका में रहने की अवधि को भी सीमित किया गया था। अदालत का आदेश फिलहाल मामले की सुनवाई जारी रहने तक इस नीति के कार्यान्वयन को रोकता है।

अदालत ने पूरे देश में लागू की रोक

मैसाचुसेट्स जिला अदालत के न्यायाधीश एफ. डेनिस सेलोर ने सरकार की उस मांग को भी खारिज कर दिया, जिसमें राहत को केवल मामले में शामिल याचिकाकर्ताओं तक सीमित रखने की बात कही गई थी। न्यायाधीश के अनुसार, याचिकाकर्ता करीब 600 सार्वजनिक और निजी संस्थानों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जबकि अमेरिका में उच्च शिक्षा के 5,000 से ज्यादा संस्थान हैं।

अदालत ने कहा कि अगर रोक को सिर्फ संबंधित पक्षों तक सीमित किया जाता है तो समानांतर नियामक व्यवस्था बनानी पड़ेगी। इसके चलते बार-बार यह तय करना होगा कि कोई छात्र या संस्थान अदालत के आदेश के दायरे में आता है या नहीं। इससे अलग-अलग और आपस में टकराने वाले फैसलों की स्थिति पैदा हो सकती है।

जुलाई में अंतिम रूप दिया गया था नया नियम

ट्रंप प्रशासन ने जुलाई में जिस नियम को अंतिम रूप दिया था, उसमें छात्रों और ‘एक्सचेंज विजिटर वीजा’ धारकों के लिए चार साल की सीमा तय की गई थी। हालांकि, छात्रों और पत्रकारों को वीजा अवधि बढ़ाने के लिए आवेदन करने की अनुमति दी गई थी, लेकिन इसकी मंजूरी पूरी तरह गृह सुरक्षा विभाग के अधिकारियों के विवेक पर निर्भर रखी गई थी।

यदि विस्तार का आवेदन खारिज हो जाता तो उसके खिलाफ अपील का भी प्रावधान नहीं था। ये नए नियम मंगलवार से लागू होने थे, लेकिन अदालत की अंतरिम रोक के बाद फिलहाल इनका कार्यान्वयन रुक गया है।

भारतीय छात्रों के लिए क्यों अहम है फैसला?

अमेरिका भारतीय छात्रों के लिए उच्च शिक्षा के प्रमुख केंद्रों में से एक है। बड़ी संख्या में भारतीय विद्यार्थी वहां मास्टर डिग्री, शोध और पीएचडी कार्यक्रमों में दाखिला लेते हैं। ऐसे में चार साल की निर्धारित समयसीमा और वीजा विस्तार की अनिश्चित प्रक्रिया उनकी पढ़ाई, शोध और आगे के पेशेवर विकल्पों को प्रभावित कर सकती थी।

‘एक्सचेंज विजिटर वीजा’ अमेरिका का गैर-आप्रवासी वीजा है, जिसके तहत शैक्षणिक, सांस्कृतिक और पेशेवर कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले लोग अमेरिका आते हैं। अदालत की रोक से फिलहाल ऐसे विद्यार्थियों और शोधार्थियों को भी राहत मिली है।

विदेशी पत्रकारों के लिए भी तय की गई थी समयसीमा

ट्रंप प्रशासन के प्रस्तावित नियमों में चीन को छोड़कर अन्य देशों के पत्रकारों के वीजा के लिए 240 दिन की सीमा तय की गई थी। वहीं, चीन के मीडियाकर्मियों के लिए वीजा की अवधि 90 दिन रखी गई थी। नए नियमों को लागू होने से पहले ही अदालत ने रोक दिया है।

 

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