भारत समेत 10 देशों पर 100% टैरिफ का खतरा, अमेरिका में संशोधन बिल पेश; रूस से कारोबार बना वजह
नई दिल्ली: रूस पर प्रतिबंध लगाने वाले अमेरिकी विधेयक को प्रतिनिधि सभा से पारित कराने की समयसीमा नजदीक आने के बीच सांसदों ने इसमें कई संशोधन पेश किए हैं। इनमें एक संशोधन में रूस के प्रमुख व्यापारिक साझेदार देशों के नाम स्पष्ट रूप से शामिल करने का प्रस्ताव है। इस सूची में भारत भी शामिल है। वहीं, दूसरे संशोधन में रूस के व्यापारिक साझेदार देशों पर टैरिफ लगाने के प्रावधान को पूरी तरह हटाने की मांग की गई है।
भारत समेत 10 देशों को सूची में शामिल करने का प्रस्ताव
डेमोक्रेटिक सांसद स्टेनी होयर की ओर से पेश संशोधन में चीन, भारत, तुर्किये, अजरबैजान, हंगरी, स्लोवाक रिपब्लिक, संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, कजाखस्तान और किर्गिज रिपब्लिक को उन देशों की सूची में शामिल करने का प्रस्ताव है, जिन पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाया जा सकता है। यह संशोधन ऐसे समय सामने आया है, जब रूस पर प्रतिबंध से जुड़े विधेयक को प्रतिनिधि सभा में पारित कराने के लिए सांसदों के पास बेहद कम समय बचा है।
सीनेट में 86-11 मतों से पारित हो चुका है विधेयक
‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट’ को अमेरिकी सीनेट पिछले महीने 86-11 के भारी बहुमत से पारित कर चुकी है। विधेयक में रूस के शीर्ष नेतृत्व और ऊर्जा क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाने के साथ उन जहाजों पर कार्रवाई का भी प्रावधान है, जिनका इस्तेमाल रूस पर लगे प्रतिबंधों से बचते हुए तेल की आपूर्ति के लिए ‘शैडो फ्लीट’ के तौर पर किया जाता है।
अमेरिका का मानना है कि रूस के कच्चे तेल का कारोबार यूक्रेन के खिलाफ जारी युद्ध के लिए वित्तीय मदद उपलब्ध करा रहा है।
भारत और चीन पर 100 फीसदी शुल्क लगाने का अधिकार
सीनेट से 7 अगस्त को पारित विधेयक में रूस के व्यापारिक साझेदार देशों के नाम सीधे तौर पर नहीं दिए गए हैं। इसमें तेल और गैस का सबसे अधिक मात्रा में आयात करने वाले पांच प्रमुख देशों का उल्लेख किया गया है। विधेयक के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस के प्रमुख तेल व्यापारिक साझेदारों, जिनमें भारत और चीन भी शामिल हैं, पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का अधिकार देने का प्रस्ताव है।
हालांकि, विधेयक को राष्ट्रपति के पास हस्ताक्षर के लिए भेजे जाने से पहले प्रतिनिधि सभा से पारित होना जरूरी है। मध्यावधि चुनाव से पहले शुरुआती अवकाश पर जाने से पहले प्रतिनिधि सभा के पास केवल चार कार्यदिवस बचे हैं। अमेरिका में मध्यावधि चुनाव 3 नवंबर को होने हैं।
ग्रेगरी मीक्स ने टैरिफ का पूरा प्रावधान हटाने का प्रस्ताव दिया
डेमोक्रेटिक सांसद ग्रेगरी मीक्स, जो ट्रंप को अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार दिए जाने के मुखर विरोधी हैं, ने एक संशोधन पेश किया है। इसमें विधेयक की पूरी धारा 113 को हटाने की मांग की गई है। इसी धारा में राष्ट्रपति को रूस के व्यापारिक साझेदार देशों पर व्यापक द्वितीयक टैरिफ लगाने का अधिकार देने का प्रावधान है।
मीक्स के इस संशोधन को तीन अन्य सांसदों का समर्थन भी मिला है। रूस प्रतिबंध विधेयक में प्रस्तावित ये संशोधन सोमवार को प्रतिनिधि सभा की रूल्स कमेटी ने सार्वजनिक किए।
राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर छूट और यूक्रेन के लिए 15 अरब डॉलर का प्रस्ताव
मीक्स ने एक अन्य संशोधन के जरिए राष्ट्रपति को किसी विदेशी व्यक्ति पर लागू प्रतिबंधों से 90 दिनों के लिए छूट देने का अधिकार देने का प्रस्ताव रखा है। जरूरत पड़ने पर इस अवधि को अतिरिक्त 90-90 दिनों के लिए बढ़ाया जा सकेगा, बशर्ते ऐसा करना अमेरिका की ‘राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण’ माना जाए।
इसके अलावा मीक्स ने यूक्रेन को 15 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष ऋण उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा है। इस राशि का इस्तेमाल यूक्रेन को रक्षा संबंधी उपकरण और सेवाओं की खरीद के लिए वित्तपोषण उपलब्ध कराने में किया जा सकेगा।





