भारत पहुंचे बेल्जियम के PM बार्ट डी वेवर, मोदी से होगी अहम बातचीत; व्यापार से रक्षा और तकनीक तक साझेदारी पर फोकस

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नई दिल्ली: बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर तीन दिवसीय भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर वह 2 से 4 सितंबर तक भारत में रहेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना तथा व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी और संपर्क समेत कई क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाना है।

बार्ट डी वेवर का पहला भारत दौरा

भारतीय विदेश मंत्रालय ने बेल्जियम के प्रधानमंत्री का नई दिल्ली पहुंचने पर स्वागत किया। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने उनका स्वागत किया। बार्ट डी वेवर ने 2025 में प्रधानमंत्री पद संभाला था और यह उनका पहला भारत दौरा है। खास बात यह है कि करीब दो दशक बाद बेल्जियम के किसी प्रधानमंत्री की भारत यात्रा हो रही है।

मोदी के साथ होगी द्विपक्षीय वार्ता

दौरे के कार्यक्रम के मुताबिक बार्ट डी वेवर 3 सितंबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। बैठक में भारत और बेल्जियम के आपसी संबंधों के साथ क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर के साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

बेल्जियम के प्रधानमंत्री भारतीय उद्योग परिसंघ के एक कारोबारी कार्यक्रम को भी संबोधित करेंगे। इस दौरान भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

मुंबई में हीरे, बंदरगाह और रसद क्षेत्र पर बातचीत

नई दिल्ली के कार्यक्रम के बाद बार्ट डी वेवर 4 सितंबर को मुंबई जाएंगे। यहां वह हीरा उद्योग, बंदरगाह और रसद समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हितधारकों के साथ बातचीत करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच कारोबारी और आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हो सकती है।

भारत-बेल्जियम संबंधों को मिल रही नई मजबूती

भारत और बेल्जियम के विदेश मंत्रियों के बीच 15 जुलाई 2026 को रणनीतिक सहयोग को लेकर बातचीत हुई थी। अब बेल्जियम के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के दौरान रणनीतिक संवाद और द्विपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर रहने की उम्मीद है।

यूरोप में बेल्जियम भारत के प्रमुख आर्थिक साझेदारों में शामिल है। अप्रैल 2000 से दिसंबर 2025 के बीच बेल्जियम ने भारत में 4.2 अरब अमेरिकी डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश किया है। दोनों देशों के बीच रक्षा, सुरक्षा, प्रौद्योगिकी, नवाचार, नवीकरणीय ऊर्जा, संपर्क, बंदरगाह और समुद्री सहयोग के क्षेत्रों में भी संबंध लगातार मजबूत हुए हैं।

नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में बेल्जियम की कंपनियां भारत में काम कर रही हैं। इसके अलावा बेल्जियम संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन भी करता है।

 

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