योगी सरकार की शादी अनुदान योजना बनी सहारा! 5 हजार से ज्यादा ओबीसी बेटियों को मिला लाभ, 2026-27 में 1.05 लाख परिवारों तक पहुंचाने का लक्ष्य

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर अन्य पिछड़ा वर्ग के परिवारों के लिए संचालित शादी अनुदान योजना बड़ी राहत साबित हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 की शुरुआत से अब तक 5 हजार से अधिक बेटियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। सरकार का दावा है कि यह योजना जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह में महत्वपूर्ण सहयोग दे रही है।

प्रदेश सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में 1 लाख 5 हजार लाभार्थियों को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया है। शुरुआती महीनों में ही 5032 पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ मिल चुका है, जिससे योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की तस्वीर सामने आई है।

1.05 लाख लाभार्थियों तक पहुंचाने की तैयारी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2026-27 में बड़े पैमाने पर पात्र परिवारों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है। अब तक लाभ प्राप्त करने वालों में 4178 ऐसे आवेदक भी शामिल हैं, जिन्होंने मार्च माह में विवाह होने के बाद उसी महीने आवेदन किया था।

वहीं, पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1 लाख 16 हजार से अधिक लोगों को इस योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान की गई थी। सरकार को उम्मीद है कि इस वर्ष भी बड़ी संख्या में जरूरतमंद परिवार इसका लाभ उठाएंगे।

बेटी की शादी के लिए मिलती है 20 हजार रुपये की सहायता

शादी अनुदान योजना के तहत पात्र परिवारों को बेटी के विवाह के लिए 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाती है, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहती है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है।

योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को दिया जाता है जिनकी वार्षिक आय एक लाख रुपये तक है। इसके साथ ही विवाह के समय लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होना अनिवार्य है।

विधवा, दिव्यांग और भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता

योजना के संचालन में सरकार ने सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों को विशेष प्राथमिकता दी है। आवेदन प्रक्रिया में दिव्यांग, विधवा, भूमिहीन तथा प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों को वरीयता दी जाती है, ताकि सबसे अधिक जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंच सके।

सीधे खाते में पहुंच रही सहायता राशि

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अनुसार, योजना के तहत मिलने वाली सहायता सीधे बैंक खातों में भेजी जा रही है। इससे लाभार्थियों को समय पर धनराशि मिल रही है और पूरी व्यवस्था पारदर्शी बनी हुई है।

विभाग का कहना है कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग देकर सामाजिक सुरक्षा को मजबूत कर रही है। साथ ही पिछड़े वर्ग के कल्याण और सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

गरीब परिवारों के लिए बनी बड़ी मदद

बेटी का विवाह अक्सर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी चुनौती माना जाता है। ऐसे में शादी अनुदान योजना न केवल वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि जरूरतमंद परिवारों का बोझ कम करने में भी मददगार साबित हो रही है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक इस योजना का लाभ पहुंचाया जाए।

 

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