मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत में क्यों नहीं बढ़े PNG के दाम? सरकार ने संसद में बताया पूरा गणित
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते वैश्विक स्तर पर प्राकृतिक गैस की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। इसके बावजूद भारत में घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की कीमतों में बड़ा इजाफा नहीं हुआ। सरकार ने संसद में बताया कि समय रहते उठाए गए कदमों और गैस आवंटन की विशेष व्यवस्था के कारण आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा।
घरेलू PNG के लिए तय की गई कीमत की सीमा
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने संसद में जानकारी दी कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए घरेलू PNG को उपलब्ध कराई जाने वाली गैस की कीमत 7 डॉलर प्रति MMBtu की सीमा में रखी गई है। इसके साथ ही शहरों में बढ़ती मांग को देखते हुए पिछले तिमाही की वास्तविक खपत के मुकाबले 105 प्रतिशत तक घरेलू गैस का आवंटन किया गया, जिससे आपूर्ति बनी रही और कीमतों पर दबाव नहीं बढ़ा।
PNG को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में रखा गया
सरकार के अनुसार, प्राकृतिक गैस (आपूर्ति विनियमन) आदेश, 2026 के तहत घरेलू PNG को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शामिल किया गया था। इसके अलावा CNG, LPG उत्पादन और उर्वरक उद्योग को भी प्राथमिकता दी गई, ताकि आवश्यक सेवाओं पर किसी तरह का असर न पड़े। सरकार ने बताया कि गैस आपूर्ति की स्थिति सामान्य होने के बाद इस विशेष व्यवस्था को वापस ले लिया गया।
हर शहर में PNG की कीमत अलग क्यों होती है?
सरकार ने स्पष्ट किया कि देशभर में PNG की कीमत एक समान नहीं होती। इसकी वजह गैस खरीदने की लागत, पाइपलाइन परिवहन खर्च, राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले कर, सब्सिडी और गैस वितरण कंपनियों की परिचालन लागत है। इसी कारण कुछ शहरों में PNG, LPG की तुलना में अधिक सस्ती होती है, जबकि कुछ स्थानों पर दोनों के बीच मूल्य का अंतर कम या अधिक हो सकता है।
देशभर में तेजी से बढ़ रहा PNG नेटवर्क
सरकार ने बताया कि देश में सिटी गैस वितरण नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। अब तक 309 भौगोलिक क्षेत्रों के 683 जिलों में सिटी गैस नेटवर्क विकसित करने की मंजूरी दी जा चुकी है। 31 मई 2026 तक देश में 1.70 करोड़ से अधिक घरेलू PNG कनेक्शन दिए जा चुके हैं, जबकि 6.71 लाख इंच-किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है।
नेशनल PNG ड्राइव 2.0 के तहत चल रहा विस्तार अभियान
सरकार ने बताया कि नेशनल PNG ड्राइव 2.0 के तहत डिजिटल रजिस्ट्रेशन, आसान कनेक्शन प्रक्रिया और जागरूकता अभियान शुरू किए गए हैं। इसका उद्देश्य देश के अधिक से अधिक घरों तक PNG की सुविधा पहुंचाना और स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देना है।





