US: यूक्रेन युद्ध के बीच रूस जाएंगे FBI चीफ काश पटेल! अक्टूबर में मॉस्को-सेंट पीटर्सबर्ग का दौरा, कई सवालों ने बढ़ाई हलचल
वॉशिंगटन: एफबीआई निदेशक काश पटेल अक्तूबर के मध्य में रूस की यात्रा पर जा सकते हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उनका 14 और 15 अक्तूबर को मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। यह दौरा ऐसे समय में होने जा रहा है, जब यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका और रूस के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। दोनों देशों के रिश्ते लंबे समय से संवेदनशील दौर में हैं। ऐसे में अमेरिकी खुफिया और कानून प्रवर्तन एजेंसी के प्रमुख का रूस दौरा असामान्य माना जा रहा है। हालांकि, यात्रा का आधिकारिक एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पटेल रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन या क्रेमलिन के किसी वरिष्ठ अधिकारी से मुलाकात करेंगे या नहीं।
रूस में पटेल की मेजबानी कौन करेगा?
पटेल के रूस दौरे के दौरान वहां की प्रमुख सुरक्षा एजेंसी एफएसबी की ओर से मेजबानी किए जाने की संभावना जताई जा रही है। एफएसबी रूस की प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों में शामिल है और इसे सोवियत दौर की केजीबी का उत्तराधिकारी माना जाता है। हालांकि, अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि पटेल एफएसबी अधिकारियों के अलावा किन रूसी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 14 और 15 अक्तूबर की तारीख और मॉस्को के बाद सेंट पीटर्सबर्ग जाने की योजना सामने आई है। ऐसे में माना जा रहा है कि दौरे में सुरक्षा, खुफिया सहयोग और दोनों देशों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर बातचीत हो सकती है। हालांकि, आधिकारिक कार्यक्रम सामने आने के बाद ही इसकी तस्वीर साफ होगी।
रूस से ‘लेन-देन’ की चर्चा क्यों शुरू हुई?
काश पटेल की प्रस्तावित यात्रा को लेकर रूस के एक राज्य समर्थित प्रकाशन में संभावित लेन-देन को लेकर सवाल उठाया गया। इसमें पूछा गया कि यदि एफबीआई निदेशक रूस से किसी तरह की मदद चाहते हैं तो अमेरिका बदले में क्या पेशकश कर सकता है।
रूसी एकेडमी ऑफ साइंसेज के आर्बातोव इंस्टीट्यूट से जुड़े व्लादिमीर वासिलिएव ने कहा कि रूस के पास अमेरिकी डेमोक्रेट्स से जुड़ी कथित जानकारी हो सकती है और उसे किसी रूप में अमेरिका के साथ साझा किया जा सकता है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि इसके बदले रूस को क्या मिल सकता है।
हालांकि, वासिलिएव की यह टिप्पणी रूस सरकार की ओर से किसी आधिकारिक प्रस्ताव के तौर पर सामने नहीं आई है। इसे प्रस्तावित यात्रा को लेकर रूसी पक्ष से सामने आई अटकल और विश्लेषण के रूप में देखा जा रहा है।
काश पटेल का रूस से जुड़ा पुराना संदर्भ क्या है?
काश पटेल का नाम पहले भी रूस से जुड़े अमेरिकी राजनीतिक विवादों के दौरान सामने आ चुका है। ट्रंप के पहले कार्यकाल में वह उन घटनाक्रमों से जुड़े रहे, जिनमें 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप अभियान और रूस के कथित संबंधों की जांच को लेकर सवाल उठाए गए थे।
पटेल ने इन जांचों को लेकर ट्रंप के पक्ष में रुख अपनाया था। एफबीआई निदेशक बनने के बाद उनकी विदेश यात्राओं पर भी अमेरिकी कांग्रेस की नजर रही है। ऐसे में रूस की प्रस्तावित यात्रा को लेकर संवेदनशीलता और बढ़ गई है।
अमेरिका और रूस के बीच यूक्रेन युद्ध को लेकर गंभीर मतभेद बने हुए हैं। इस पृष्ठभूमि में पटेल की रूस यात्रा को सुरक्षा और खुफिया संपर्क के साथ-साथ दोनों देशों के बीच व्यापक संबंधों के नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
रूस जाने वाले आखिरी एफबीआई निदेशक कौन थे?
आधिकारिक तौर पर रूस की यात्रा करने वाले अंतिम ज्ञात एफबीआई निदेशक रॉबर्ट म्यूलर थे। उन्होंने 2013 में रूस का दौरा किया था। इसके बाद म्यूलर को विशेष वकील नियुक्त किया गया था। उन्होंने 2016 के ट्रंप राष्ट्रपति अभियान और रूस के कथित संबंधों के साथ अमेरिकी चुनाव में रूस के हस्तक्षेप से जुड़े आरोपों की जांच की थी।
अब काश पटेल की प्रस्तावित यात्रा के साथ कई सवाल उठ रहे हैं। सबसे अहम सवाल यह है कि क्या उनका दौरा केवल सुरक्षा और खुफिया संपर्क तक सीमित रहेगा या यूक्रेन युद्ध और अमेरिका-रूस संबंधों जैसे बड़े मुद्दों पर भी बातचीत होगी। इसके अलावा पुतिन या रूस के किसी वरिष्ठ अधिकारी से उनकी मुलाकात होगी या नहीं, इस पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
रूस की ओर से सामने आई संभावित ‘लेन-देन’ की चर्चा ने भी इस दौरे को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है। फिलहाल इसके किसी आधिकारिक आधार की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में अक्तूबर में होने वाले संभावित दौरे के दौरान बातचीत का दायरा और उसके बाद अमेरिका-रूस संबंधों पर पड़ने वाला असर महत्वपूर्ण रहेगा।





