रूस पर यूक्रेन का बड़ा ड्रोन अटैक! दो तेल रिफाइनरियों को बनाया निशाना, पुतिन ने पहली बार मानी ईंधन संकट की चुनौती
कीव: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। यूक्रेन ने रूस के अंदर लंबी दूरी के ड्रोन हमलों को तेज करते हुए दक्षिणी रूस की प्रमुख तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया है। हमलों के बाद कई जगह आग लगने की खबरें सामने आई हैं। इसी बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहली बार सार्वजनिक रूप से देश में ईंधन आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं को स्वीकार किया है, जिससे युद्ध के प्रभाव को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है।
यूक्रेन का दावा- दो बड़ी रिफाइनरियों पर किया हमला
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने दावा किया है कि यूक्रेनी ड्रोन ने रूस की दो महत्वपूर्ण तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया। उनका कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य रूस की आर्थिक और सैन्य क्षमता को कमजोर करना है, ताकि युद्ध को समाप्त करने के लिए दबाव बनाया जा सके।
क्रास्नोडार क्षेत्र की रिफाइनरी में लगी आग
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रूस के क्रास्नोडार क्षेत्र के स्लाव्यांस्क-ना-कुबानी स्थित एक प्रमुख तेल रिफाइनरी पर ड्रोन हमला हुआ, जिसके बाद वहां आग भड़क गई। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक ड्रोन के मलबे की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। यह रिफाइनरी हर साल करीब 40 लाख टन कच्चे तेल का प्रसंस्करण करती है और काला सागर के बंदरगाहों के जरिए पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
यारोस्लाव क्षेत्र की दूसरी रिफाइनरी पर भी हमला करने का दावा
जेलेंस्की ने यह भी कहा कि यारोस्लाव क्षेत्र की एक अन्य तेल रिफाइनरी को भी निशाना बनाया गया है। हालांकि इस हमले को लेकर रूसी अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
रूस में बढ़ने लगे ईंधन संकट के संकेत
यूक्रेन की ओर से लगातार ऊर्जा प्रतिष्ठानों और तेल सुविधाओं पर किए जा रहे हमलों का असर अब रूस के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ क्षेत्रों में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर ईंधन बिक्री पर सीमाएं तय की गई हैं और पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
साइबेरिया के इरकुत्स्क क्षेत्र में सरकारी तेल कंपनी ने प्रति वाहन प्रतिदिन 50 लीटर ईंधन की सीमा निर्धारित की है। वहीं रूस सरकार घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता देने के लिए ईंधन निर्यात से जुड़े समझौतों की समीक्षा भी कर रही है।
पुतिन ने पहली बार मानी ईंधन आपूर्ति की चुनौती
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने स्वीकार किया कि यूक्रेन के हमलों का उद्देश्य रूस के भीतर असंतोष पैदा करना और आपूर्ति व्यवस्था को प्रभावित करना है। हालांकि उन्होंने दावा किया कि इन हमलों से युद्ध के मोर्चे पर रूस की सैन्य स्थिति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है।
दोनों देशों के बीच हमले लगातार जारी
युद्ध के मोर्चे पर दोनों पक्षों की ओर से हमले लगातार जारी हैं। यूक्रेन के दक्षिणी शहर जापोरिज्जिया पर रूसी हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 16 लोग घायल बताए गए हैं। घायलों में बच्चे भी शामिल हैं।
वहीं रूस के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रातभर में 213 यूक्रेनी ड्रोन मार गिराए। दूसरी ओर यूक्रेन की वायुसेना का कहना है कि रूस ने 142 ड्रोन और 8 मिसाइलें दागीं, जिनमें से अधिकांश को निष्क्रिय कर दिया गया।
ऊर्जा ढांचे पर हमलों से बदल रही युद्ध की रणनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में यूक्रेन ने रूस के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर युद्ध की रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। तेल रिफाइनरियों और ईंधन आपूर्ति नेटवर्क पर बढ़ते हमले आने वाले समय में रूस की आर्थिक और लॉजिस्टिक क्षमता पर असर डाल सकते हैं।





