ट्रंप का बड़ा दावा- चीन नहीं देगा ईरान को हथियार, शी जिनपिंग से बैठक में बनी सहमति

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नई दिल्ली : अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है। ट्रंप ने कहा है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ईरान को सैन्य उपकरण नहीं भेजने पर सहमति जताई है। ट्रंप इस समय 13 से 15 मई तक चीन दौरे पर हैं और उनका यह बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।

चीन लंबे समय से ईरान का बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा है। उस पर समय-समय पर ईरान को सैन्य सहायता देने के आरोप भी लगते रहे हैं। ऐसे में ट्रंप का यह दावा वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

बीजिंग बैठक में हुई अहम बातचीत

फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि बीजिंग में हुई द्विपक्षीय बैठक के दौरान इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि चीन ने स्पष्ट किया है कि वह ईरान को सैन्य उपकरण उपलब्ध नहीं कराएगा।

ट्रंप ने कहा, “किसी देश का सीधे युद्ध में शामिल होना जरूरी नहीं है, लेकिन सैन्य समर्थन भी बेहद बड़ा मुद्दा होता है। शी जिनपिंग ने कहा है कि चीन ईरान को हथियार नहीं देगा। यह बहुत बड़ा बयान है।”

हालांकि ट्रंप ने यह भी माना कि चीन ईरान से तेल खरीदना जारी रखेगा। उनके मुताबिक, चीनी राष्ट्रपति ने साफ कहा कि चीन बड़े पैमाने पर ईरानी तेल आयात करता है और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार है चीन

अमेरिका-चीन आर्थिक और सुरक्षा समीक्षा आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 और 2026 की पहली तिमाही में चीन ने ईरान से प्रतिदिन करीब 14 लाख बैरल तेल खरीदा। यह चीन के कुल कच्चे तेल आयात का लगभग 12 से 15 प्रतिशत हिस्सा बताया गया है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ईरान के कुल तेल निर्यात का 90 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा चीन को ही जाता है।

व्हाइट हाउस के मुताबिक, ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच अमेरिका से तेल खरीद को लेकर भी चर्चा हुई। गौरतलब है कि मई 2025 में ट्रेड वॉर के दौरान चीन ने अमेरिकी कच्चे तेल पर 20 प्रतिशत टैरिफ लगाकर उसकी खरीद रोक दी थी।

बोइंग को मिल सकता है बड़ा ऑर्डर

डोनाल्ड ट्रंप ने इंटरव्यू में यह भी दावा किया कि चीन अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग से 200 विमान खरीदने पर सहमत हुआ है। उन्होंने कहा कि यह सौदा बोइंग और अमेरिकी रोजगार बाजार दोनों के लिए बड़ा अवसर साबित होगा।

ट्रंप के अनुसार, पहले बोइंग को 150 विमानों के ऑर्डर की उम्मीद थी, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 200 तक पहुंच सकती है।

इससे पहले अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट भी बोइंग को बड़े ऑर्डर मिलने के संकेत दे चुके हैं। वहीं बोइंग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी केली ऑर्टबर्ग भी ट्रंप के साथ चीन दौरे पर मौजूद हैं।