दिल्ली में शॉपिंग अब होगी आसान, बाजारों में शुरू हुई ‘कैरीमैन’ सेवा

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नई दिल्ली। दिल्ली के प्रमुख बाजारों में खरीदारी करने वाले लोगों के लिए एक नई और अनोखी सुविधा शुरू की गई है। सरोजिनी नगर, लाजपत नगर और चांदनी चौक जैसे व्यस्त बाजारों में अब ग्राहकों को भारी बैग उठाने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। दो महिला उद्यमियों द्वारा शुरू की गई ‘कैरीमैन’ सेवा तेजी से लोकप्रिय हो रही है और सोशल मीडिया पर भी इसकी खूब चर्चा हो रही है।

इस स्टार्टअप की शुरुआत रितु कंदारी श्रीवास्तव और कनिष्का मल्होत्रा ने की है। दोनों छोटे बच्चों की मां हैं और उन्हें खुद बाजारों में शॉपिंग के दौरान बच्चों के प्रैम और भारी सामान संभालने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। इसी अनुभव ने उन्हें ऐसी सेवा शुरू करने की प्रेरणा दी, जो खरीदारी करने वालों की मदद कर सके।

क्या है कैरीमैन सेवा?

कैरीमैन सेवा के तहत प्रशिक्षित कर्मचारी ग्राहकों के साथ चलते हैं और उनके शॉपिंग बैग उठाने से लेकर लंबी कतारों में खड़े होने, खाने-पीने का सामान लाने तथा जरूरत पड़ने पर बैठने की व्यवस्था करने तक में सहायता करते हैं। यह सेवा ग्राहकों को अधिक आरामदायक और तनावमुक्त खरीदारी का अनुभव देने के उद्देश्य से शुरू की गई है।

जानकारी के अनुसार, यह सेवा 149 रुपये प्रति घंटे से शुरू होती है। अधिक समय के लिए अलग-अलग पैकेज भी उपलब्ध हैं। कर्मचारी ग्राहकों का सामान मेट्रो स्टेशन या वाहन तक पहुंचाने में भी मदद करते हैं।

सोशल मीडिया पर मिल रही सराहना

सोशल मीडिया पर लोग इस पहल की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे परिवारों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए बेहद उपयोगी बताया है। वहीं कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में इसे शॉपिंग के दौरान पतियों और बॉयफ्रेंड्स के लिए “राहत की सेवा” भी बताया है।

युवाओं को मिला रोजगार

स्टार्टअप से जुड़े युवाओं को नियमित वेतन के साथ रोजगार दिया जा रहा है। कंपनी का दावा है कि उसके कर्मचारी फुल-टाइम स्टाफ हैं और उन्हें ग्राहकों की सहायता के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि इस काम में उन्हें सम्मान और बेहतर अवसर मिल रहे हैं।

बाजारों में नई सोच की शुरुआत

कैरीमैन की संस्थापकों का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल सामान उठाना नहीं, बल्कि भारतीय बाजारों में खरीदारी को अधिक सुविधाजनक, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाना है। उनका मानना है कि भीड़भाड़ वाले बाजारों में ऐसी सेवाएं ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने के साथ-साथ युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर भी पैदा कर सकती हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल भारतीय बाजारों में सुविधा आधारित सेवाओं के बढ़ते चलन का उदाहरण है और आने वाले समय में अन्य शहरों में भी ऐसे मॉडल देखने को मिल सकते हैं।

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