सलमान खान को हाईकोर्ट से नहीं मिली तत्काल राहत, ‘काला हिरण’ फिल्म पर रोक लगाने से अदालत का इनकार
नई दिल्ली: अभिनेता Salman Khan द्वारा अपनी छवि और व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने फिलहाल फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लीगेसी’ की रिलीज पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि संबंधित फिल्म अभी तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के पास प्रमाणन के लिए प्रस्तुत ही नहीं की गई है, इसलिए इस स्तर पर किसी अंतरिम रोक का सवाल नहीं उठता।
मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस ज्योति सिंह की पीठ ने कहा कि जब तक किसी फिल्म को सेंसर बोर्ड से प्रमाणपत्र नहीं मिल जाता, तब तक उसकी रिलीज संभव नहीं होती। ऐसे में तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता फिलहाल दिखाई नहीं देती। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी है।
सेंसर बोर्ड तक नहीं पहुंची फिल्म, इसलिए नहीं लगी रोक
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी कहा कि अभिनेता की ओर से दाखिल कुछ दस्तावेज अभी रिकॉर्ड पर उपलब्ध नहीं हैं, इसलिए मामले पर विस्तृत सुनवाई अगली तारीख पर की जाएगी। न्यायालय ने साफ किया कि फिल्म अभी प्रमाणन प्रक्रिया में भी शामिल नहीं हुई है, ऐसे में उसके प्रदर्शन पर रोक लगाने का कोई तत्काल आधार नहीं बनता।
निर्माताओं ने अदालत को दिया आश्वासन
सलमान खान की ओर से पेश वकील ने फिल्म की रिलीज पर तत्काल रोक लगाने की मांग की थी। इसके जवाब में फिल्म निर्माताओं की ओर से अदालत को भरोसा दिलाया गया कि अगली सुनवाई तक फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के पास प्रमाणन के लिए नहीं भेजा जाएगा।
निर्माताओं के इस आश्वासन के बाद अदालत ने किसी अंतरिम आदेश की जरूरत नहीं समझी और मामले को अगली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।
सलमान खान ने व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन का लगाया आरोप
अपनी याचिका में सलमान खान ने दावा किया है कि फिल्म का मुख्य किरदार उनकी शक्ल-सूरत और व्यक्तित्व से काफी मिलता-जुलता दिखाया गया है। अभिनेता का कहना है कि फिल्म में दिखाया गया किरदार उनकी तरह का ब्रेसलेट भी पहनता है, जिससे दर्शकों के मन में सीधे तौर पर उनकी छवि उभर सकती है।
याचिका के अनुसार, इससे उनकी सार्वजनिक प्रतिष्ठा प्रभावित होने की आशंका है और यह उनके व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन माना जा सकता है।
फिल्म की कहानी पर भी जताई आपत्ति
अभिनेता ने अदालत को बताया कि फिल्म के पोस्टर और कथित कहानी के जरिए ऐसी घटनाओं को प्रस्तुत किया जा रहा है जो वास्तविक तथ्यों और न्यायिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खातीं। याचिका में कहा गया है कि शस्त्र अधिनियम से जुड़े मामले में उन्हें पहले ही राहत मिल चुकी है, लेकिन फिल्म की प्रस्तुति से दर्शकों के बीच भ्रामक धारणा बन सकती है।
सलमान खान ने यह भी आरोप लगाया कि फिल्म निर्माता कथित तौर पर उनकी लोकप्रियता और पहचान का लाभ उठाने के लिए इस संवेदनशील विषय को सनसनीखेज तरीके से पेश करने का प्रयास कर रहे हैं।
6 जुलाई की सुनवाई पर टिकी निगाहें
अब इस मामले में अगली महत्वपूर्ण सुनवाई 6 जुलाई को होगी। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तब तक फिल्म को प्रमाणन प्रक्रिया के लिए भेजा जाता है या मामले में कोई नया घटनाक्रम सामने आता है, तो अदालत आगे की कानूनी दिशा तय कर सकती है। फिलहाल फिल्म की रिलीज को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है और पूरे मामले पर अंतिम स्थिति आगामी सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।





