तिरुमाला में नए सख्त नियम लागू! हॉर्न या सायरन बजाया तो लगेगा जुर्माना, TTD ने जारी की चेतावनी

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तिरुपति: भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन के लिए तिरुमाला पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और वाहन चालकों के लिए नया नियम लागू कर दिया गया है। तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने तिरुमाला की पहाड़ियों और घाट मार्गों को ‘साइलेंट जोन’ घोषित करते हुए हॉर्न और सायरन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है। नियम का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माने समेत अन्य कार्रवाई की जा सकती है।

‘साइलेंट तिरुमाला इनिशिएटिव’ के तहत शुरू हुआ अभियान

टीटीडी ने ‘साइलेंट तिरुमाला इनिशिएटिव’ के तहत यह विशेष अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य तिरुमाला के आध्यात्मिक वातावरण को संरक्षित रखना और बढ़ते ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण करना है। श्रद्धालुओं को जागरूक करने के लिए प्रमुख मार्गों, घाट सड़कों और विभिन्न स्थानों पर सूचना बोर्ड लगाए गए हैं।

अधिकारियों ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे तिरुमाला क्षेत्र में हॉर्न और सायरन का उपयोग न करें, ताकि श्रद्धालुओं को शांत, सौम्य और भक्तिमय माहौल मिल सके।

सभी वाहनों पर लागू होगा नियम

टीटीडी ने स्पष्ट किया है कि यह नियम किसी एक श्रेणी के वाहनों तक सीमित नहीं रहेगा। निजी वाहन, टैक्सी, राज्य परिवहन बसें, पुलिस वाहन और अन्य सरकारी वाहन भी इसके दायरे में आएंगे। केवल आपातकालीन परिस्थितियों में ही सायरन या हॉर्न के उपयोग की अनुमति होगी।

तिरुमाला सतर्कता विभाग और पुलिस प्रशासन संयुक्त रूप से इस नियम के प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं और घाट मार्गों पर निगरानी भी बढ़ाई गई है।

बढ़ते वाहनों के दबाव से बढ़ा ध्वनि प्रदूषण

अधिकारियों के अनुसार, पहले प्रतिदिन लगभग 8 हजार वाहन तिरुमाला पहुंचते थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर करीब 10 हजार प्रतिदिन हो गई है। सप्ताहांत, त्योहारों और विशेष अवसरों पर वाहनों की संख्या और अधिक बढ़ जाती है।

अलीपिरी चेक पोस्ट समेत कई स्थानों पर लंबी वाहन कतारों के कारण ध्वनि प्रदूषण में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही थी। इसी समस्या को देखते हुए टीटीडी ने यह सख्त कदम उठाया है।

शांत क्षेत्र बनाए रखने पर जोर

टीटीडी का कहना है कि धार्मिक स्थलों के आसपास ध्वनि स्तर नियंत्रित रखना आवश्यक है। सामान्य तौर पर ऐसे क्षेत्रों में दिन के समय ध्वनि स्तर 50 डेसिबल और रात में 40 डेसिबल से अधिक नहीं होना चाहिए। इसी मानक को ध्यान में रखते हुए तिरुमाला में साइलेंट जोन व्यवस्था लागू की गई है।

उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

प्रशासन ने साफ किया है कि नए नियम का पालन सुनिश्चित करने के लिए सख्त निगरानी की जाएगी। यदि कोई वाहन चालक अनावश्यक रूप से हॉर्न या सायरन बजाते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ जुर्माना सहित नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

टीटीडी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान नियमों का पालन करें और तिरुमाला के शांत, पवित्र और आध्यात्मिक वातावरण को बनाए रखने में सहयोग दें।

 

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