सरकारी कर्मचारियों के लिए अंतिम चेतावनी! प्रॉपर्टी रिटर्न दाखिल करने को मिला आखिरी मौका, सरकार ने बढ़ाई डेडलाइन

Untitled-1-copy-398

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर सरकार ने वार्षिक संपत्ति विवरण जमा नहीं करने वाले सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए एक अंतिम अवसर प्रदान किया है। सामान्य प्रशासन विभाग (विजिलेंस) ने प्रॉपर्टी रिटर्न सिस्टम (पीआरएस) पोर्टल पर वार्षिक प्रॉपर्टी रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा सात दिन के लिए बढ़ा दी है। यह फैसला उन कर्मचारियों को ध्यान में रखकर लिया गया है जो निर्धारित अवधि में प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए थे।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों ने अब तक अपना वार्षिक संपत्ति विवरण जमा नहीं किया है, वे बढ़ी हुई अवधि का लाभ उठाकर निर्धारित प्रक्रिया जल्द पूरी करें। विभाग ने इसे अंतिम अवसर बताते हुए समय रहते अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की है।

कई कर्मचारियों ने नहीं पूरी की थी प्रक्रिया

विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, सभी सरकारी कर्मचारियों को पहले जारी निर्देशों के तहत वर्ष 2025 का वार्षिक प्रॉपर्टी रिटर्न 1 जनवरी से 31 जनवरी 2026 के बीच ऑनलाइन जमा करना था। हालांकि समीक्षा के दौरान पाया गया कि बड़ी संख्या में कर्मचारी या तो समय सीमा के भीतर रिटर्न दाखिल नहीं कर सके या फिर पोर्टल पर पंजीकरण कराने के बाद भी अंतिम प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए।

इन्हीं लंबित मामलों को देखते हुए विभाग ने अतिरिक्त सात दिन का समय देने का निर्णय लिया है, ताकि सभी कर्मचारी अपनी ऑनलाइन फाइलिंग प्रक्रिया पूरी कर सकें।

तकनीकी समस्याओं के समाधान के भी दिए निर्देश

सरकार ने उन कर्मचारियों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए हैं जिन्हें ओटीपी प्राप्त करने में परेशानी हो रही है। ऐसे कर्मचारियों को अपने मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी को संबंधित पोर्टल पर अपडेट करने की सलाह दी गई है, जिससे सत्यापन प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

विभाग ने यह भी कहा है कि अन्य तकनीकी समस्याओं की स्थिति में कर्मचारी सहायता टीम से संपर्क कर सकते हैं, ताकि समय रहते उनकी समस्या का समाधान किया जा सके।

ऑनलाइन जमा करना होगा संपत्ति विवरण

वार्षिक प्रॉपर्टी रिटर्न पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से दाखिल किया जा रहा है। सरकार ने सभी कर्मचारियों से निर्धारित अवधि के भीतर पोर्टल पर जाकर आवश्यक जानकारी भरने और प्रक्रिया पूर्ण करने का आग्रह किया है। अधिकारियों का कहना है कि समय सीमा समाप्त होने के बाद विलंब करने वाले कर्मचारियों के मामलों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा।

पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की पहल

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी कर्मचारियों से नियमित रूप से संपत्ति विवरण प्राप्त करना प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसी उद्देश्य से सरकार डिजिटल माध्यम के जरिए पूरी प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और निगरानी योग्य बना रही है।

 

----------------------------------------------------------------------------------------------