क्या फिर लौट रहा है CORONA? चीन में एक महीने में 5.22 लाख से ज्यादा मामले, एक मौत
बीजिंग: चीन में जुलाई के दौरान कोरोना संक्रमण के मामलों में एक बार फिर बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चीन के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण प्राधिकरण के मुताबिक, जुलाई में COVID-19 के 5,22,000 नए मामले सामने आए। इस दौरान 487 गंभीर मामले और एक मौत दर्ज की गई। हालांकि, चीनी सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) का कहना है कि संक्रमण में मौजूदा बढ़ोतरी एक नियमित चक्रीय लहर है और इसकी गंभीरता पिछले दो वर्षों में देखी गई लहरों के समान है।
मामलों में बढ़ोतरी की रफ्तार अब काफी धीमी हो गई है। चीनी CDC के अनुसार, देश संक्रमण की मौजूदा लहर के स्थिर चरण यानी प्लेटो फेज में पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि अगस्त के अंत तक कोरोना संक्रमण के मामलों में गिरावट शुरू हो सकती है।
ओमिक्रॉन का NB.1.8.1 स्ट्रेन सबसे ज्यादा
चीनी CDC ने बताया कि जिन संक्रमण के नमूनों की जांच की गई, उनमें ओमिक्रॉन वैरिएंट की पुष्टि हुई। इनमें NB.1.8.1 स्ट्रेन और इसकी उप-वंश श्रृंखलाओं के मामले सबसे अधिक पाए गए।
बीजिंग के एक श्वसन रोग विशेषज्ञ ने ग्लोबल टाइम्स को बताया कि आबादी में प्रतिरक्षा कम होना, वायरस में लगातार बदलाव और गर्मियों के दौरान यात्रा तथा लोगों की आवाजाही बढ़ना संक्रमण के मामलों में हालिया वृद्धि के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। हालांकि, अभी ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि वायरस पहले की तुलना में अधिक खतरनाक हो गया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, देश में संक्रमण के मामले अब चरम के करीब पहुंचते दिखाई दे रहे हैं और अगस्त के अंत तक इनकी संख्या में कमी आने की संभावना है।
अस्पतालों में कोरोना संक्रमण की दर लगातार बढ़ी
सेंटिनल अस्पताल निगरानी के आंकड़ों के अनुसार, 29 जून से 5 जुलाई और 27 जुलाई से 2 अगस्त के बीच चीन के 1,041 कोविड-19 और इन्फ्लूएंजा निगरानी अस्पतालों में बाह्य रोगी और आपातकालीन विभागों में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी के मामलों का अनुपात मामूली उतार-चढ़ाव के साथ बढ़ा।
इन अस्पतालों में यह अनुपात क्रमशः 4.3 प्रतिशत, 4.4 प्रतिशत, 4.5 प्रतिशत, 4.4 प्रतिशत और 4.5 प्रतिशत दर्ज किया गया। इसी अवधि में बाह्य रोगी और आपातकालीन विभागों में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी वाले मरीजों के बीच कोरोना संक्रमण की पुष्टि होने की दर भी लगातार कई सप्ताह तक बढ़ती रही।
हर 6 से 8 महीने में बढ़ रहे संक्रमण के मामले
कैपिटल मेडिकल यूनिवर्सिटी के बीजिंग यू एन हॉस्पिटल के श्वसन रोग विशेषज्ञ ली टोंगजेंग ने ग्लोबल टाइम्स को बताया कि ज्यादातर लोगों में पिछली बड़ी संक्रमण लहर को छह महीने से अधिक समय बीत चुका है। ऐसे में आबादी की प्रतिरक्षा में कमी आई है। इसके अलावा SARS-CoV-2 में लगातार हो रहे बदलावों ने मौजूदा एंटीबॉडी से मिलने वाली सुरक्षा को भी प्रभावित किया है।
उन्होंने बताया कि गर्मियों की छुट्टियों के दौरान यात्रा और लोगों की आवाजाही बढ़ने से भी संक्रमण में हालिया वृद्धि को बढ़ावा मिला। पिछले कुछ वर्षों में देखे गए पैटर्न के आधार पर उन्होंने कहा कि प्रतिरक्षा कम होने के साथ हर छह से आठ महीने में COVID-19 संक्रमण के मामले बढ़ने लगते हैं।
विशेषज्ञ के मुताबिक, वायरस में लगातार बदलाव के बावजूद अभी ऐसा कोई प्रमाण नहीं है कि वह अधिक खतरनाक हो गया है। चिकित्सकीय आंकड़ों से पता चलता है कि ज्यादातर मरीजों में हल्के लक्षण ही दिखाई देते हैं। बहुत कम मरीजों में निमोनिया की स्थिति बनती है या अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ती है।
चीनी CDC ने गुरुवार को बताया कि COVID-19 को ‘कैटेगरी B मैनेजमेंट’ के तहत ‘कैटेगरी B संक्रामक बीमारी’ के रूप में वर्गीकृत किए जाने के बाद से यह चीन में आम और बार-बार होने वाली सांस संबंधी संक्रामक बीमारी बन गई है। इसके तहत हर साल देशभर में एक या दो बार महामारी जैसी संक्रमण लहरें देखी जाती हैं।
लोगों को सावधानी बरतने की सलाह
ली टोंगजेंग ने कहा कि पहले हुए संक्रमण से बची प्रतिरक्षा बीमारी की गंभीरता को कम करने में मदद करती है। दोबारा संक्रमित होने वाले ज्यादातर लोगों में ऊपरी श्वसन तंत्र से जुड़े हल्के लक्षण दिखाई देते हैं, जो लगभग एक सप्ताह में ठीक हो जाते हैं।
जुलाई में कोरोना से जुड़ी केवल एक मौत की रिपोर्ट भी बताती है कि मौजूदा मृत्यु दर काफी कम बनी हुई है। संक्रमण के पुराने पैटर्न और मौजूदा वृद्धि की रफ्तार को देखते हुए अगस्त के अंत में देशभर में मामलों में कमी आने की संभावना जताई गई है। विशेषज्ञ के अनुसार, देश में संक्रमण के मामले अब लगभग चरम पर पहुंच चुके हैं और कुछ क्षेत्रों में पहले ही गिरावट दिखाई देने लगी है।
चीनी CDC ने गुरुवार को यह भी कहा कि निगरानी के दौरान ऐसा कोई वैरिएंट नहीं मिला है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा पैदा हो। मौजूदा संक्रमण लहर के कारण स्वास्थ्य सेवा व्यवस्था में भी किसी बड़ी बाधा की जानकारी नहीं मिली है।
लोगों को जरूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इसमें आवश्यकता पड़ने पर मास्क पहनना, व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना, स्वस्थ जीवनशैली अपनाना और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार टीकाकरण कराना शामिल है।





