ब्रिटेन के फैसले पर भड़का ईरान! IRGC को सुरक्षा खतरा बताने के बाद UK राजदूत तलब, बढ़ा कूटनीतिक तनाव

00000-13 (2)

लंदन: इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) को ब्रिटेन द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा घोषित किए जाने के बाद ईरान और ब्रिटेन के बीच कूटनीतिक तनाव और बढ़ गया है। ईरान ने तेहरान स्थित ब्रिटेन के राजदूत को तलब कर इस फैसले पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। ईरानी विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि इस कदम का उचित जवाब दिया जाएगा।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब एक दिन पहले ही ब्रिटेन ने लंदन में ईरान के चार्ज डी’अफेयर्स अली नसीमफार को तलब किया था। ब्रिटिश सरकार ने आरोप लगाया था कि हाल के महीनों में यूरोप में हमलों के लिए प्रॉक्सी समूहों को निर्देशित करने में ईरान की भूमिका रही है।

ब्रिटेन ने नए कानून के तहत उठाया कदम

ब्रिटेन ने सोमवार को ‘काउंटरिंग स्टेट थ्रेट्स एक्ट’ के तहत आईआरजीसी और उससे जुड़े एक समूह को सुरक्षा के लिए खतरा घोषित किया। यह कार्रवाई उन नए कानूनी प्रावधानों के तहत की गई है, जिनका उद्देश्य विदेशी देशों द्वारा निगरानी, हस्तक्षेप और तोड़फोड़ जैसी गतिविधियों के लिए प्रॉक्सी समूहों के इस्तेमाल पर रोक लगाना है।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ी चिंता

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी दिखाई देने लगा है। समुद्री सुरक्षा और शिपिंग क्षेत्र से जुड़े सूत्रों के अनुसार, जहाजों पर ईरानी हमलों की घटनाओं के बाद सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इसके चलते कई शिपिंग कंपनियां होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए अमेरिकी सेना की निगरानी वाली योजना का उपयोग करने से बच रही हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद ईरानी सेना ने इस क्षेत्र में समुद्री माइंस बिछा दी हैं। इसके कारण कई जहाजों को ईरान या ओमान के तट के करीब मौजूद वैकल्पिक समुद्री मार्गों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

बढ़ते तनाव पर दुनिया की नजर

ब्रिटेन और ईरान के बीच बढ़ते कूटनीतिक टकराव ने पश्चिम एशिया की स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। क्षेत्र में पहले से जारी तनाव के बीच इस घटनाक्रम पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है।

----------------------------------------------------------------------------------------------