होर्मुज पर अमेरिका के ‘पूरे नियंत्रण’ का ट्रंप का दावा, ईरान से बोले- समझौता करे या नहीं, हमें फर्क नहीं पड़ता; फिर भड़का तनाव

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नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच करीब एक महीने की शांति के बाद तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। दोनों देशों के बीच हमलों का सिलसिला तेज होने के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका का लगभग पूरा नियंत्रण है और ईरान की अर्थव्यवस्था तेजी से बिखर रही है। ट्रंप का यह बयान अमेरिका की ओर से किए गए ताजा हवाई हमलों के कुछ घंटे बाद आया। उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिका ईरान को बातचीत की मेज पर लाने की कोशिश नहीं कर रहा है।

ट्रंप बोले- ईरान से समझौते में कोई दिलचस्पी नहीं

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के जरिए एबीसी न्यूज की उस रिपोर्ट को खारिज किया, जिसमें दावा किया गया था कि अमेरिका ईरान को बातचीत के लिए मजबूर करने की कोशिश कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि ईरान किसी समझौते पर हस्ताक्षर करता है या नहीं। उनके मुताबिक, ऐसा कोई समझौता वैसे भी बेकार होगा।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि मौजूदा स्थिति उन्हें ज्यादा बेहतर लगती है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका के नियंत्रण और ईरान की कमजोर होती अर्थव्यवस्था का हवाला दिया। ट्रंप ने दावा किया कि घटनाक्रम अब एक निश्चित नतीजे की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही उन्होंने ईरान की जनता से अपनी सरकार के खिलाफ खड़े होने की अपील भी की।

फरवरी से जारी टकराव, होर्मुज पर बार-बार दावा

फरवरी में शुरू हुए टकराव के बाद से ट्रंप कई बार होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नियंत्रण का दावा कर चुके हैं। हालांकि, ईरान लगातार इन दावों को खारिज करता रहा है। मंगलवार को अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर बड़े हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन, बहरीन और इराक में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया।

इससे पहले सप्ताहांत में जुलाई के बाद दोनों पक्षों के बीच पहली गोलीबारी हुई थी। सोमवार को होर्मुज से बाहर निकल रहे दो तेल टैंकरों पर हमला किया गया। इसके बाद कच्चे तेल की कीमत करीब 4 डॉलर प्रति बैरल बढ़ गई और वह पांच सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई।

होर्मुज बंद, ईरान ने तेल निर्यात रोकने की दी चेतावनी

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में शामिल है। ईरान ने इसे जहाजों के लिए बंद कर रखा है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने कहा है कि अमेरिकी हमलों के बाद जलमार्ग पर उसकी पकड़ और मजबूत होगी।

ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर उसके तेल निर्यात को रोका गया तो वह किसी दूसरे देश को भी तेल निर्यात जारी रखने की अनुमति नहीं देगा। ऐसे में होर्मुज को लेकर बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार पर भी असर डाल सकता है।

ट्रंप ने युद्धविराम की संभावना से भी किया इनकार

डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के बीच नए युद्धविराम की संभावना से भी इनकार किया है। उनका कहना है कि ईरान को पहले ही कई मौके दिए जा चुके हैं और अब उसके साथ किसी समझौते का कोई फायदा नहीं होगा।

दोनों देशों के बीच नया टकराव महीनों से जारी तनाव के बाद फिर तेज हुआ है। जून में हुआ समझौता जल्द ही टूट गया था। इसके बाद होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर विवाद दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव की प्रमुख वजहों में शामिल रहा है।

 

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