लॉरेंस बिश्नोई गैंग पर FBI का सबसे बड़ा शिकंजा! ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ में 50 से ज्यादा ठिकानों पर छापे, 20 हिरासत में
नई दिल्ली: अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग और उससे जुड़े अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। 7 जुलाई को एफबीआई और उसकी सहयोगी एजेंसियों ने अमेरिका के कैलिफोर्निया समेत कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस कार्रवाई के दौरान कम से कम 20 लोगों को हिरासत में लिया गया है। जांच के दौरान हथियार, प्रतिबंधित सामग्री और ड्रग्स भी बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।
‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत कई देशों में एक साथ छापेमारी
एफबीआई ने इस अंतरराष्ट्रीय अभियान को ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ नाम दिया है। एजेंसी के नेतृत्व में अमेरिका, कनाडा और यूरोप में 50 से अधिक स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। अभियान के दौरान बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री जब्त की गई, जबकि ड्रग्स की भी बरामदगी हुई है। जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
गोल्डी बरार और जग्गू भगवानपुरिया के नेटवर्क भी जांच के दायरे में
एफबीआई की कार्रवाई केवल लॉरेंस बिश्नोई गैंग तक सीमित नहीं रही। जांच एजेंसियों ने उसके सहयोगियों गोल्डी बरार और जग्गू भगवानपुरिया से जुड़े नेटवर्क पर भी कार्रवाई की है। अधिकारियों के अनुसार गैंग के कई वांछित सदस्य अमेरिका, कनाडा और यूरोप में अवैध रूप से रहकर भारत से जुड़े आपराधिक मामलों का संचालन कर रहे हैं। उन पर भारत में अपराधों को अंजाम देने के साथ-साथ विदेशों में रह रहे भारतीयों से रंगदारी वसूलने जैसे गंभीर आरोप भी हैं।
कनाडा पहले ही घोषित कर चुका है आतंकी संगठन
कनाडा सरकार पिछले वर्ष लॉरेंस बिश्नोई गैंग को आतंकी संगठन घोषित कर चुकी है। वहीं, लॉरेंस बिश्नोई का भाई अनमोल बिश्नोई भी लंबे समय तक अमेरिका में छिपा रहा था। आरोप है कि अमेरिका में रहते हुए उसने मुंबई में एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या और अभिनेता सलमान खान के घर पर फायरिंग की साजिश को अंजाम दिलवाया। बाद में अनमोल बिश्नोई को भारत डिपोर्ट किया गया।
भारत की जांच एजेंसियां पहले भी दे चुकी हैं संकेत
भारतीय जांच एजेंसियां समय-समय पर यह जानकारी देती रही हैं कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नेटवर्क अमेरिका, कनाडा और यूरोप तक फैला हुआ है। एजेंसियों के अनुसार भारत से फरार कई गैंग सदस्य विदेशों में ठिकाने बनाकर आपराधिक गतिविधियों का संचालन कर रहे हैं। एफबीआई का ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस कार्रवाई से जुड़े कई और अहम खुलासे सामने आने की संभावना है।





