बारिश में भीगते ही होने लगती है सर्दी-खांसी? अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय, मौसमी बीमारियों से मिलेगा बचाव
नई दिल्ली: मानसून का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं अपने साथ कई मौसमी बीमारियों का खतरा भी लेकर आता है। बारिश में भीगने के बाद सर्दी, खांसी, जुकाम, वायरल बुखार और फ्लू जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इस मौसम में रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ने के कारण शरीर संक्रमण की चपेट में जल्दी आ जाता है। बच्चों और बुजुर्गों में इसका खतरा और अधिक रहता है। हालांकि खानपान और कुछ घरेलू उपाय अपनाकर इन परेशानियों से काफी हद तक बचाव किया जा सकता है।
भाप लेने से मिल सकती है राहत
यदि बारिश में भीगने के बाद नाक बंद हो जाए या सर्दी-खांसी की शुरुआत हो, तो भाप लेना फायदेमंद माना जाता है। इससे बंद नाक खुलने में मदद मिलती है और श्वसन मार्ग की सूजन भी कम हो सकती है। सामान्य गर्म पानी की भाप ली जा सकती है। चाहें तो उसमें टी ट्री ऑयल, यूकेलिप्टस ऑयल, लेमनग्रास ऑयल या लौंग का तेल भी मिलाया जा सकता है।
लौंग और शहद का करें सेवन
खांसी की समस्या होने पर लौंग को पीसकर शहद में मिलाकर दिन में दो से तीन बार सेवन किया जा सकता है। यह घरेलू उपाय गले को आराम पहुंचाने और खांसी कम करने में सहायक माना जाता है।
तुलसी-अदरक की चाय देगी गर्माहट
बारिश में भीगने के तुरंत बाद तुलसी और अदरक की चाय पीना लाभकारी माना जाता है। इससे शरीर को गर्माहट मिलती है और सर्दी-जुकाम के लक्षणों में राहत मिल सकती है। चाहें तो चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
मजबूत इम्यूनिटी है सबसे बड़ा बचाव
मौसमी संक्रमण से बचने के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखना बेहद जरूरी है। संतुलित आहार और पौष्टिक भोजन शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। बारिश के मौसम में खानपान का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि बीमारियों का खतरा कम हो सके।
हल्दी वाला दूध बनाएं रोज की आदत
रात में सोने से पहले एक गिलास हल्दी वाला दूध पीना फायदेमंद माना जाता है। हल्दी में मौजूद प्राकृतिक गुण शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं। नियमित सेवन से सर्दी, खांसी और वायरल संक्रमण के जोखिम को कम करने में सहायता मिल सकती है।
च्यवनप्राश भी हो सकता है लाभकारी
आयुर्वेद में च्यवनप्राश को शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला माना गया है। मौसम बदलने के दौरान रोजाना दूध के साथ एक चम्मच च्यवनप्राश का सेवन संक्रमण से बचाव और शरीर को मजबूत रखने में सहायक हो सकता है।





